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October 22, 2026 1:46 am

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति 26 अक्टूबर को निकालेगी उल्टा मार्च, एयरपोर्ट के विकास में पिछड़ने पर जताएगी विरोध

CBN36 बिलासपुर। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के विकास और हवाई सेवाओं में लगातार आ रही गिरावट के विरोध में 26 अक्टूबर 2026 को उल्टा मार्च निकालने का निर्णय लिया है। जन आंदोलन के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर सुबह 11 बजे राघवेंद्र राव सभा भवन स्थित महाधरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक यह मार्च निकाला जाएगा। समिति का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में एयरपोर्ट की सुविधाओं और उड़ानों में अपेक्षित विस्तार नहीं हुआ है, बल्कि कई हवाई सेवाएं बंद हो गई हैं और कुछ की आवृत्ति भी कम हो गई है।

उड़ानों में विस्तार के बजाय कटौती

समिति के अनुसार, 1 मार्च 2021 को बिलासपुर से हवाई सेवा शुरू होने के समय दिल्ली के लिए सप्ताह के सातों दिन उड़ान उपलब्ध थी। वहीं, प्रयागराज के लिए सप्ताह में चार दिन और जबलपुर के लिए भी सप्ताह में चार दिन उड़ान संचालित होती थी। वर्तमान में दिल्ली की उड़ान सप्ताह में केवल चार दिन रह गई है, जबकि प्रयागराज के लिए सप्ताह में सिर्फ एक दिन उड़ान उपलब्ध है। जबलपुर की हवाई सेवा भी बंद हो चुकी है।

वर्ष 2022 में बिलासपुर से भोपाल के लिए उड़ान शुरू की गई थी, जिसे चार महीने बाद बिलासपुर-इंदौर सेवा में बदल दिया गया। समिति का कहना है कि कुछ समय बाद ये दोनों सेवाएं भी बंद हो गईं, जबकि कम अवधि में भी इन उड़ानों को पर्याप्त यात्री मिल रहे थे।

पांच साल में एयरपोर्ट का अपेक्षित विकास नहीं

समिति ने एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में नाइट लैंडिंग सुविधा को छोड़कर कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ है। एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन अब भी पुरानी इमारत में संचालित हो रहा है, जहां 70 यात्रियों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वहीं, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के लिए भी वर्ष 2021 में स्थापित मोबाइल टावर ही उपयोग में है और नए एटीसी टावर का निर्माण नहीं हुआ है।

समिति के अनुसार, एयरपोर्ट का रनवे अब भी 1500 मीटर लंबा है। पिछले पांच वर्षों में इसे कम से कम 2200 मीटर तक विस्तारित किया जाना चाहिए था, ताकि बड़े विमानों के संचालन की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।

4C श्रेणी में उन्नयन का वादा अब तक अधूरा

समिति ने बताया कि वर्ष 2021 में एयरपोर्ट के उद्घाटन के समय दो से तीन वर्षों के भीतर इसे 4C श्रेणी में उन्नत करने की बात कही गई थी। हालांकि, समिति का आरोप है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ है।

समिति का कहना है कि एक ओर देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के दूसरे प्रमुख शहर बिलासपुर में हवाई सुविधाओं की स्थिति निराशाजनक बनी हुई है। उड़ानों की संख्या में कमी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में देरी को विकास की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय पीछे जाने जैसा माना जा रहा है।

सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से भागीदारी की अपील

इन्हीं मुद्दों को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने 26 अक्टूबर को उल्टा मार्च निकालने का निर्णय लिया है। समिति के अनुसार, यह मार्च बिलासपुर में हवाई सुविधाओं की बदहाली और एयरपोर्ट के अपेक्षित विकास नहीं होने के विरोध का प्रतीक होगा।

समिति ने सभी सामाजिक संगठनों, सक्रिय नागरिकों और आंदोलन से जुड़े सदस्यों से मार्च में भाग लेने की अपील की है। साथ ही, आंदोलन को गैर-राजनीतिक बताते हुए सभी राजनीतिक दलों से भी इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। समिति का उद्देश्य बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास, उड़ानों के विस्तार और बेहतर हवाई सुविधाओं की मांग को व्यापक जनसमर्थन दिलाना है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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