CBN36 भिलाई/रायपुर। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) को बेचने की योजना से जुड़ी सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया में प्रसारित खबरों को संयंत्र प्रबंधन ने असत्य एवं भ्रामक बताया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों का खंडन किया है। वहीं, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को झूठा और निराधार करार दिया है।
संयंत्र प्रबंधन ने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें और न ही इन्हें आगे प्रसारित करें। प्रबंधन ने कहा कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले आधिकारिक एवं प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान है बीएसपी
भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने प्रदेश के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं, सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिला है और हजारों परिवारों की आजीविका को सहारा मिला है।
देश के इस्पात क्षेत्र में अहम योगदान
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाई के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र देश के इस्पात उद्योग की प्रगति और भारत की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने में निरंतर योगदान दे रहा है।
संयंत्र प्रबंधन ने लोगों से सतर्क रहने और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचने की अपील की है। प्रबंधन के अनुसार, ऐसी अपुष्ट खबरों से कर्मचारियों, उनके परिवारों और प्रदेश की जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए किसी भी खबर की पुष्टि के लिए आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करना चाहिए।
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