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October 19, 2026 1:48 am

शहर आपका है, हम तो आज हैं, कल किसी और जगह चले जाएंगे,एसएसपी रजनेश सिंह ने नागरिकों को कराया जिम्मेदारी का अहसास

“अगले साल से रिवर व्यू रोड से निकलेंगी गणेश विसर्जन की झांकियां, बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन की पहल,विसर्जन के दौरान डीजे के तेज शोर से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को होने वाली परेशानी भी चिंता का विषय”

CBN36 बिलासपुर। शहर आपका है, हम तो आज हैं, कल किसी और जगह चले जाएंगे। व्यवस्था आपको दुरुस्त करना है।एसएसपी रजनेश सिंह ने यह बात कहकर शहर की व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी का महत्व समझाया। रिवर व्यू ग्राउंड में कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में गणेश विसर्जन की व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बढ़ती आबादी, संकरी सड़कें, विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए अगले वर्ष से गणेश विसर्जन की झांकियां और प्रतिमाएं रिवर व्यू रोड से निकालने पर सर्वसम्मति बनी। बैठक में आयोजन समितियों, शांति समिति के सदस्यों और नागरिकों ने नए मार्ग के प्रस्ताव पर सहमति जताई। हालांकि, इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्व निर्धारित मार्ग से ही किया जाएगा।

शहर आपका है-एसएसपी ने बताई नागरिकों की जिम्मेदारी

बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह का संदेश शहर की व्यवस्था को लेकर नागरिकों की जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा। उनका कहना था कि अधिकारी आज यहां हैं, कल किसी दूसरे स्थान पर चले जाएंगे, लेकिन शहर और यहां रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी यहीं बनी रहेगी। ऐसे में शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों और आयोजन समितियों को भी आगे आना होगा।

प्रतिमा विसर्जन जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में केवल पुलिस और प्रशासन के इंतजाम पर्याप्त नहीं होते। आयोजन समितियों का सहयोग, श्रद्धालुओं का अनुशासन, यातायात नियमों का पालन और सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति जिम्मेदारी भी जरूरी है। एसएसपी के इस संदेश का आशय यही रहा कि शहर को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ समाज की भी है।

बढ़ती आबादी, लेकिन पुराने विसर्जन मार्ग पर जगह की कमी

बिलासपुर में आबादी और धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी बढ़ने के साथ विसर्जन की पुरानी व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है। सीमित चौड़ाई वाली सड़कों पर झांकियों, वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। विसर्जन के दौरान डीजे के तेज शोर से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को होने वाली परेशानी भी चिंता का विषय है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में नए मार्ग के विकल्प पर विचार किया गया। चर्चा के बाद अगले वर्ष से गणेश विसर्जन की झांकियां और प्रतिमाएं रिवर व्यू रोड से निकालने पर सहमति बनी। इस बदलाव का उद्देश्य विसर्जन व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना और मुख्य सड़कों पर भीड़ का दबाव कम करना है।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर रहेगा जोर

गणेश विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात सुचारु रखना पुलिस के सामने अहम जिम्मेदारी होती है। नए मार्ग पर व्यवस्था तैयार करते समय श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा इंतजाम, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध रखने जैसे पहलुओं पर ध्यान देना होगा।

एसएसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में मार्ग परिवर्तन पर बनी सहमति से आगामी गणेशोत्सव के लिए पहले से तैयारी करने का अवसर मिलेगा। नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और आयोजन समितियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।

झांकियों के दर्शन के साथ बाजारों को भी मिलेगी राहत

बैठक में शामिल लोगों ने माना कि रिवर व्यू रोड से झांकियां निकालने से श्रद्धालुओं को परिवार के साथ दर्शन करने का बेहतर अवसर मिल सकता है। वहीं, मुख्य सड़कों पर भीड़ का दबाव कम होने से बाजारों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने आयोजन समितियों एवं नागरिकों के सामूहिक निर्णय का स्वागत किया। प्रशासन की ओर से नए मार्ग पर सफाई, पर्याप्त रोशनी, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं के लिए सहयोग का भरोसा दिया गया। आयोजन समितियों के साथ समन्वय कर आगामी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इस वर्ष दुर्गा विसर्जन पुराने मार्ग से ही

बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्व निर्धारित मार्ग से ही किया जाएगा। अगले वर्ष से गणेश विसर्जन की झांकियां और प्रतिमाएं रिवर व्यू रोड से निकालने पर सहमति बनी है। इससे आगामी आयोजन से पहले नई व्यवस्था के लिए आवश्यक तैयारियां करने का समय मिलेगा।

परंपरा भी कायम रहे, शहर की व्यवस्था भी सुधरे

बैठक में बिलासपुर की उत्सव परंपरा, आपसी सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के साथ युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया गया। आयोजन समितियों और नागरिकों से नई व्यवस्था को सफल बनाने तथा धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की गई।

एसएसपी रजनेश सिंह का संदेश इस बैठक का अहम पहलू रहा कि शहर की व्यवस्था केवल अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। अधिकारी आते-जाते रहेंगे, लेकिन शहर को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी उसके नागरिकों की भी है। अब इस सहमति को प्रभावी व्यवस्था में बदलने के लिए प्रशासनिक तैयारी और शहरवासियों का सहयोग महत्वपूर्ण होगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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