“पुलिस कंट्रोल रूम में रीडर्स को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण, गोपनीयता और तथ्यात्मक सत्यापन पर विशेष जोर,दुर्ग पुलिस -नवाचार के साथ बेहतर पुलिसिंग की ओर”
CBN36 भिलाई, 11 अक्टूबर। पुलिसिंग को आधुनिक, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक दुर्ग के विजन एवं मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों एवं पुलिस कार्यालयों में पदस्थ रीडर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-06, भिलाई में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों को सरल बनाने के साथ समय की बचत और कार्यक्षमता में वृद्धि करना है।
प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं रेंज साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक ने AI की कार्यप्रणाली और इसके विभिन्न उपयोगों की जानकारी दी। प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि AI आधारित टूल की मदद से शासकीय पत्र, प्रेस विज्ञप्ति, प्रतिवेदन, बैठक की कार्यवाही और अन्य कार्यालयीन दस्तावेजों के प्रारूप तैयार किए जा सकते हैं। इसके अलावा लंबे आदेशों एवं दस्तावेजों का सारांश तैयार करने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
मीडिया संबंधी कार्यों में भी मिलेगी मदद

प्रशिक्षण में पुलिस के मीडिया एवं सोशल मीडिया संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, वीडियो बाइट रिकॉर्ड करने तथा समाचार सामग्री प्रकाशित करने से पहले तथ्यों, कैप्शन और विवरण की जांच करने की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि AI से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए निर्देशों का स्पष्ट, सटीक और संदर्भ के अनुरूप होना जरूरी है।
गोपनीय जानकारी साझा करने से बचने की सलाह
AI के उपयोग के साथ सूचना सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने को लेकर भी पुलिसकर्मियों को जागरूक किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि केस डायरी, विवेचना से जुड़े गोपनीय विवरण, पीड़ितों एवं मुखबिरों की पहचान तथा अन्य संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक AI टूल पर साझा नहीं की जानी चाहिए। AI से तैयार दस्तावेजों का उपयोग करने से पहले तथ्यों, कानूनी प्रावधानों और संबंधित विवरणों का सत्यापन करना अनिवार्य है। साथ ही विभागीय दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने पर बल दिया गया।
तकनीक के साथ जवाबदेही भी जरूरी
दुर्ग पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक के जिम्मेदार उपयोग से दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया जा सकता है। हालांकि, AI केवल कार्यों में सहायता करने वाला माध्यम है। किसी भी शासकीय दस्तावेज की तथ्यात्मक शुद्धता, गोपनीयता और अंतिम सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की ही रहेगी।
इस पहल के माध्यम से दुर्ग पुलिस अपने कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और बदलते दौर के अनुरूप पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रयासरत है।
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