कोरबा के नोनबिर्री और दादरकला में बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा, ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान को मिल रही नई पहचान

गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजे शौचालय, प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालय बनाने का लक्ष्य
CBN36 रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्र में जहां पूरे प्रदेश में मातृशक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को धरातल पर उतार रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के दो ग्राम पंचायतों में बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा किया गया है। पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में बने ये शौचालय ग्रामीण विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत किए जा रहे इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
गुलाबी रंग और चित्रकारी से दिया स्वच्छता का संदेश
ग्राम पंचायत नोनबिर्री और दादरकला में निर्मित बालिका शौचालयों को आकर्षक गुलाबी रंग और सुंदर चित्रकारी से सजाया गया है। दीवारों पर ‘मेरी बेटी–मेरा स्वाभिमान’ और ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ जैसे संदेश अंकित किए गए हैं। इन संदेशों के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान, स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
शौचालयों के निर्माण से विद्यालयों में छात्राओं को निजता और स्वच्छता से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। विशेषकर किशोरावस्था में बालिकाओं के स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखते हुए ऐसी सुविधाएं उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में सहायक होंगी।
नवरात्र में नारी सम्मान का संदेश
नवरात्र का पर्व नारी शक्ति की आराधना और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूरा होना बेटियों की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देने का संदेश देता है। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि बेटियों का सम्मान केवल नारों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें शिक्षा और दैनिक जीवन में आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालय बनाने का लक्ष्य
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को ऐसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। कोरबा जिले की ग्राम पंचायतों में पूर्ण हुए ये निर्माण कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रधान संपादक