CBN36 बिलासपुर। एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में जीआरपी बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ सोमवार को विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया। जांच में आरक्षक की आय की तुलना में करीब 16.20 लाख रुपये अधिक खर्च पाया गया है।
एसीबी के अनुसार संतोष कुमार राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की सूचना के आधार पर अपराध क्रमांक 57/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)बी और 13(2) में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके निवास समेत अन्य ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की गई।
विवेचना के दौरान आरोपी की आय और व्यय से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। जांच में आरोपी की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपये, जबकि व्यय 62 लाख 28 हजार 137 रुपये पाया गया। इस तरह आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपये अधिक व्यय होना सामने आया। एसीबी ने संग्रहित साक्ष्यों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया है।
गांजा तस्करी के मामले में भी जेल में है आरोपी
संतोष कुमार राठौर के खिलाफ जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान गांजा तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप भी लगे थे। आरोप है कि उसने अन्य आरक्षकों के साथ मिलकर ट्रेन में गांजा तस्करों को पकड़ने के बाद गांजा अपने पास रख लिया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे पैसे वसूलकर आपस में बांट लिए।
इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 117/2024 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी), 29 में मामला दर्ज किया गया था। बाद में प्रकरण को अग्रिम विवेचना के लिए एसीसीयू जिला बिलासपुर को सौंपा गया। विवेचना पूरी होने के बाद एसीसीयू ने आरोपी के खिलाफ चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर की अदालत में पेश किया था।
एनडीपीएस एक्ट के इस मामले में संतोष कुमार राठौर वर्तमान में बिलासपुर जेल में निरुद्ध है। आपराधिक आचरण के आरोप में पुलिस अधीक्षक रेल छत्तीसगढ़ ने उसे 19 नवंबर 2024 को सेवा से पृथक कर दिया था।
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