
रूस से भी पहुंची फिल्म, सात सप्ताह में दो लाख लोगों तक पहुंचा साइबर जागृति अभियान; विजेताओं को मिले पुरस्कार
CBN36 रायगढ़। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच रायगढ़ पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए अनूठा प्रयोग किया। साइबर सुरक्षा के संदेश को युवाओं की रचनात्मकता और सिनेमा से जोड़ते हुए आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का शनिवार को पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में समापन हुआ। प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में पहुंचीं। खास बात यह रही कि रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि मिली।

समारोह में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से साइबर अपराधों से बचाव के लिए तैयार की गई शॉर्ट फिल्म ‘द साइबर ट्रैप’ की स्क्रीनिंग की गई। पुलिस के अनुसार यह फिल्म प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि आम लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए अलग से तैयार की गई है।
युवा बनें साइबर जागरूकता के दूत : ओपी चौधरी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोचक और रचनात्मक माध्यमों से साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देना रायगढ़ पुलिस की सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि युवा केवल खुद को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने तक सीमित न रहें, बल्कि ‘साइबर जागरूकता के दूत’ बनकर अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
AI का इस्तेमाल जनहित और सुरक्षा के लिए हो : विजय बघेल

दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने साइबर जागृति अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जनहित और सुरक्षा के लिए किया जाए तो यह समाज को सुरक्षित बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
उन्होंने युवाओं की प्रतिभा को साइबर सुरक्षा के संदेश से जोड़ने की रायगढ़ पुलिस की पहल को सार्थक बताया।
सात सप्ताह में दो लाख लोगों तक पहुंचा अभियान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्तूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान चलाया। रायगढ़ जिले में सात सप्ताह के दौरान विभिन्न माध्यमों से करीब दो लाख लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
इसी अभियान के तहत ‘संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़’ थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाना था।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण और कला के क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त ‘भूलन : द मेज़’ के निर्देशक मनोज वर्मा, देश-विदेश में फिल्मी कार्यों के लिए पहचान बना चुके योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता, डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार एवं अभिनय प्रशिक्षक सुनील चिपड़े शामिल रहे।
निर्णायक मंडल ने बताया कि प्रतियोगिता में आई फिल्मों की गुणवत्ता और रचनात्मकता प्रभावशाली रही। दोनों श्रेणियों में शीर्ष तीन फिल्मों का चयन करना बेहद कठिन रहा और कई प्रविष्टियों के बीच अंतर बहुत कम था।
‘दूसर छोर’ और ‘एक्सेस लिंक’ ने जीता पहला पुरस्कार
श्रेणी ‘अ’ (3 से 6 मिनट) में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म ‘दूसर छोर’ ने पहला स्थान हासिल किया। होमेन्द्र कुमार की ‘जरूरत’ दूसरे और प्रकाश पटेल की ‘गुपचुप ठेला’ तीसरे स्थान पर रही।

वहीं श्रेणी ‘ब’ (1 से 3 मिनट) में दीपक जायसवाल की ‘एक्सेस लिंक’ प्रथम, तुषार सोलंकी की ‘Dial 1930’ द्वितीय और समीर चन्द्रा की ‘Golden Hour’ तृतीय रही।
श्रेणी ‘अ’ के प्रथम विजेता को एक लाख, द्वितीय को 75 हजार और तृतीय को 50 हजार रुपये दिए गए। श्रेणी ‘ब’ में प्रथम को 75 हजार, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय विजेता को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इस तरह दोनों श्रेणियों के छह विजेताओं को कुल 5.25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
पुलिसकर्मियों ने निभाई फिल्म में भूमिका
रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार जागरूकता फिल्म ‘The Cyber Trap’ में एसएसपी शशि मोहन सिंह, अनिल सोनी, मयंक मिश्रा, उत्तम प्रताप सिंह, राकेश मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, सानिया गुप्ता, लीना ठाकुर, दिपेश महंत और हर्ष बैरागी सहित रायगढ़ पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी नजर आए।
फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। फिल्म के माध्यम से आम नागरिकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
रोटरी क्लब का सहयोग, टेक 3 स्टूडियोज ने संभाला प्रबंधन


प्रतियोगिता के आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का विशेष सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।
समारोह में दुर्ग सांसद विजय बघेल, महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, अरुणधर दीवान, गुरूपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, रोटरी क्लब रायगढ़ अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, सचिव सुनील रामदास सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक, चयनित प्रतिभागी, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे।
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