
अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस होगा ‘संकल्प सभागृह’, यातायात समीक्षा से वीआईपी मूवमेंट की ब्रीफिंग तक होगी मॉनिटरिंग
CBN36 रायपुर, 25 सितंबर। शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और वीआईपी प्रोटोकॉल को और अधिक प्रभावी व तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रायपुर पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। यातायात एवं प्रोटोकॉल कार्यालय परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक मीटिंग रूम ‘संकल्प सभागृह’ सहित तीन नए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कार्यालयों का शुक्रवार को उद्घाटन किया गया। पुलिस कमिश्नर, रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने फीता काटकर इनका विधिवत शुभारंभ किया।
उद्घाटन समारोह में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर श्री अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त (क्राइम), रायपुर, पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल), रायपुर सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
यातायात की रोजाना समीक्षा से आपात रणनीति तक
नवनिर्मित ‘संकल्प सभागृह’ को अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम और डिजिटल कनेक्टिविटी से सुसज्जित किया गया है। इसे यातायात व्यवस्था की दैनिक समीक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति तैयार करने, वीआईपी मूवमेंट की ब्रीफिंग और पुलिस बल के प्रशिक्षण के लिए एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
नई व्यवस्था से अधिकारियों के बीच त्वरित संवाद, बेहतर समन्वय और यातायात व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग में मदद मिलेगी।
दो एसीपी कार्यालय यातायात परिसर में, एक ITMS में
प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तीन नए सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इनमें दो एसीपी कार्यालय यातायात एवं प्रोटोकॉल कार्यालय परिसर में तथा एक एसीपी कार्यालय इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) परिसर में बनाया गया है।
इन कार्यालयों के संचालन से फील्ड ऑपरेशंस की प्रभावी निगरानी, मौके पर त्वरित निर्णय लेने और यातायात से जुड़ी जनसमस्याओं के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है।
पुलिस कमिश्नर ने लिया सुविधाओं का जायजा
उद्घाटन के बाद पुलिस कमिश्नर, रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नवनिर्मित ‘संकल्प सभागृह’ तथा एसीपी कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और तकनीकी संसाधनों का जायजा लिया।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा केवल कार्यकुशलता बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे टीम भावना, त्वरित संवाद और बेहतर समन्वय को भी नई ऊर्जा मिलती है।
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