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September 19, 2026 8:50 pm

साइबर चक्रव्यूह में एक क्लिक और खाते से उड़ सकती है जिंदगी भर की कमाई

डिजिटल अरेस्ट का डर, फर्जी KYC, OTP और ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का जाल; एसपी गौरव राय की अपील-सतर्क रहें, ठगी हो तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत

CBN36 बलौदाबाजार। मोबाइल की स्क्रीन पर आया एक मैसेज…एक अनजान लिंक…दूसरी तरफ से आई एक फोन कॉल और महज कुछ मिनटों में बैंक खाते की मेहनत की कमाई गायब। डिजिटल युग में साइबर अपराध का खतरा अब किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रह गया है। पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से जागरूक लोग भी साइबर ठगों के नए-नए हथकंडों का शिकार हो रहे हैं। ठग कभी बैंक अधिकारी बनकर भरोसा जीतते हैं तो कभी पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर डर पैदा करते हैं।

डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड, फर्जी KYC, लॉटरी का लालच और ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी-साइबर अपराधियों ने लोगों को फंसाने के लिए पूरा चक्रव्यूह तैयार कर रखा है।

ऐसे में बलौदाबाजार जिले के एसपी गौरव राय ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सावधानी है। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर तत्काल भरोसा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

डिजिटल अरेस्ट-डर पैदा करो और रकम ट्रांसफर कराओ

इन दिनों साइबर ठगी का सबसे खतरनाक तरीका डिजिटल अरेस्ट बताया जा रहा है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी दूसरी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद किसी अपराध में नाम आने या बैंक खाते के गलत इस्तेमाल का डर दिखाकर वीडियो कॉल पर रहने और पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है।

ऐसी धमकी से घबराने की जरूरत नहीं है। कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने का आदेश नहीं देती।

OTP बताया तो समझिए खाते की सुरक्षा खतरे में

साइबर ठग बैंक कर्मचारी, ग्राहक सेवा अधिकारी या किसी परिचित संस्था का प्रतिनिधि बनकर फोन कर सकते हैं। वे KYC, बैंक खाते, कार्ड या किसी भुगतान से जुड़ी समस्या का बहाना बनाकर OTP, UPI PIN, CVV या पासवर्ड मांगते हैं।

यहां एक गलती भारी पड़ सकती है। OTP और UPI PIN आपकी निजी सुरक्षा चाबी हैं। इन्हें किसी के साथ साझा न करें।

एक लिंक खोलते ही खुल सकता है ठगी का रास्ता

आपका KYC बंद हो जाएगा बैंक खाता ब्लॉक होने वाला है’, ‘आपने लाखों की लॉटरी जीती है’ या ‘आपको विशेष कैशबैक मिला है ,ऐसे संदेश लोगों को जल्दबाजी में लिंक खोलने के लिए उकसाते हैं।

ठगों का मकसद होता है कि व्यक्ति डर या लालच में आकर लिंक खोल दे और अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी दर्ज कर दे।

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि जरूर करें।

निवेश में ज्यादा मुनाफे का लालच भी ठगी का जाल

सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ठग कम समय में कई गुना मुनाफे का दावा कर लोगों को निवेश के लिए तैयार करते हैं। शुरुआत में लाभ दिखाकर भरोसा कायम किया जाता है और बाद में बड़ी रकम जमा करा ली जाती है।

निवेश से पहले कंपनी, ऐप और योजना की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का लालच खतरे का संकेत हो सकता है।

ठगी के बाद चुप्पी नहीं, तुरंत कार्रवाई

साइबर ठगी के बाद कई लोग शर्म, डर या परेशानी के कारण शिकायत करने में देरी करते हैं। यही देरी नुकसान बढ़ा सकती है। इसलिए जैसे ही खाते से अनधिकृत रकम निकलने या साइबर धोखाधड़ी का पता चले, तत्काल बैंक से संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी की जा सकती है।

एसपी गौरव राय की अपील

साइबर अपराध से बचने का सबसे मजबूत हथियार जागरूकता और सतर्कता है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो घबराएं नहीं, तत्काल 1930 पर शिकायत करें।

साइबर ठगी से बचने के पांच मंत्र

01. OTP और UPI PIN किसी को न बताएं।

02. अनजान लिंक और संदिग्ध ऐप से दूरी रखें।

03. डिजिटल अरेस्ट की धमकी से न घबराएं।

04. लॉटरी और असामान्य मुनाफे के लालच में पैसा न लगाएं।

05. ठगी होते ही 1930 पर तत्काल शिकायत करें।

एक छोटी सावधानी, बड़ी सुरक्षा

साइबर दुनिया में ठग आपकी एक गलती का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए हर कॉल पर भरोसा करने से पहले रुकें, हर लिंक खोलने से पहले सोचें और कोई भी वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। याद रखें साइबर ठग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उन्हें मात देने का सबसे कारगर हथियार आपकी सतर्कता है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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