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September 19, 2026 7:45 pm

जबरिया चंदाखोरी पर भड़के व्यापारी, 23 को बाजार बंद

“चंदा वसूली के नाम पर दबाव, धमकी और मारपीट का आरोप; सुबह से दोपहर तक बंद रहेंगे प्रतिष्ठान, बोले- सहयोग करेंगे तो अपनी इच्छा और सामर्थ्य से, जबरिया वसूली के आगे नहीं झुकेंगे”

CBN36 बिलासपुर। शहर में चंदा वसूली के नाम पर कथित दबाव, धमकी और मारपीट की घटनाओं से नाराज व्यापारियों ने अब मोर्चा खोल दिया है। जबरिया चंदाखोरी के विरोध में 23 सितंबर को सुबह से दोपहर तक शहर के व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। व्यापारिक संगठनों ने साफ कर दिया है कि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सहयोग से उन्हें कोई परहेज नहीं है, लेकिन चंदा स्वेच्छा से दिया जाएगा, दबाव में नहीं।

बिलासपुर प्रेस क्लब में शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कैट के राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा और छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नवदीप सिंह अरोरा ने बाजार बंद की घोषणा की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में चंदा वसूली के नाम पर व्यापारियों पर दबाव बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। दुकानों पर पहुंचकर व्यापारियों से उनकी इच्छा के विरुद्ध चंदा मांगा जा रहा है। विरोध करने पर विवाद और मारपीट तक की नौबत आ रही है।

व्यापारियों का कहना है कि कुछ मामलों में स्थिति इतनी बिगड़ी कि चंदा वसूली करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर तक दर्ज करानी पड़ी। अब अलग-अलग विरोध करने के बजाय व्यापारी संगठनों ने सामूहिक रूप से इसके खिलाफ आवाज उठाने का निर्णय लिया है।

चंदा हमारी मर्जी से, दबाव में नहीं

व्यापारियों ने दो टूक कहा कि सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सहयोग की परंपरा रही है और आगे भी वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करते रहेंगे। आपत्ति सहयोग से नहीं, बल्कि उसके लिए दबाव बनाने के तरीके से है। किसी दुकान या प्रतिष्ठान पर पहुंचकर तय रकम की मांग करना, दबाव बनाना अथवा विवाद की स्थिति पैदा करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कैट और चेंबर की स्थानीय इकाई ने जबरिया चंदा वसूली के खिलाफ अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। मामले से प्रशासन को अवगत कराकर ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की जाएगी।

आधे दिन का बंद, संदेश पूरा

23 सितंबर को सुबह से दोपहर तक प्रतिष्ठान बंद रखकर व्यापारी अपनी एकजुटता दिखाएंगे। संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से व्यापारी व्यक्तिगत स्तर पर इस समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन अब सामूहिक आवाज उठाने का समय आ गया है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है चंदा देंगे तो अपनी इच्छा और सामर्थ्य से, जबरिया वसूली के आगे नहीं झुकेंगे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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