CBN36 दुर्ग। संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर दो लोगों से पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुरानी भिलाई पुलिस ने करीब आठ साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने के बाद न तो नौकरी लगवाई और न ही राशि वापस की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, डाक बंगला पुरैना निवासी डी. सत्य साईं (36) ने 17 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी शमीम खान ने संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में आरोपी ने प्रार्थी और उसके परिचित सीएच बैकुंठ राव से कुल पांच लाख रुपये लिए थे। बाद में नौकरी नहीं लगाई गई और रकम भी वापस नहीं की गई।
शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराए गए यूनियन बैंक के बैंक स्टेटमेंट, लेनदेन से संबंधित वीडियो और लोन से जुड़े दस्तावेजों को जब्त कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया। उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि की।
पुलिस टीम ने आरोपी शमीम खान निवासी गुरुघासीदास वार्ड क्रमांक 44, कसारीडीह, दुर्ग को 13 सितंबर 2026 को दोपहर 1:40 बजे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी द्वारा राशि लेना स्वीकार किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का तरीका लोगों को शासकीय कार्यालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम लेना था। नौकरी नहीं लगने के बाद वह राशि वापस नहीं करता था।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी या निजी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी व्यक्ति को राशि देने से पहले संबंधित विभाग और नियुक्ति प्रक्रिया की सत्यता की जांच जरूर करें। नौकरी लगाने के नाम पर रकम मांगने वाले लोगों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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