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September 13, 2026 10:24 pm

गणेश भगवान को मोदक ही नहीं ये भी है प्रिय : अलग-अलग राज्यों में बप्पा को चढ़ाए जाते हैं पारंपरिक व्यंजन

CBN 36 बिलासपुर । गणेश चतुर्थी के साथ ही घरों और पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बप्पा के स्वागत में सजावट और पूजा-पाठ के साथ भोग का भी विशेष महत्व माना जाता है। भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक माना जाता है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार कई तरह के व्यंजन अर्पित किए जाते हैं।

महाराष्ट्र में उकडीचे मोदक गणपति पूजा का प्रमुख भोग है। चावल के आटे से तैयार किए जाने वाले इन मोदकों में नारियल और गुड़ की भरावन होती है। वहीं कर्नाटक में गणेशजी को कडुबू अर्पित करने की परंपरा है। यह भी मोदक जैसा पारंपरिक पकवान है।

तमिलनाडु में कोझुकट्टई गणपति के भोग में शामिल किया जाता है। चावल के आटे से बनने वाले इस व्यंजन में नारियल, गुड़ और इलायची का इस्तेमाल होता है। उत्तर भारत में बेसन और बूंदी के लड्डू के साथ पंचामृत, फल और अन्य सात्विक पकवान चढ़ाने की परंपरा है।

गोवा और कोंकण क्षेत्र में नारियल और गुड़ से बने पारंपरिक व्यंजन गणेश उत्सव का हिस्सा हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को भोग से अधिक भक्त की श्रद्धा और शुद्ध भाव प्रिय होता है। यही कारण है कि देशभर में अलग-अलग खानपान और संस्कृति के बावजूद बप्पा के प्रति आस्था का भाव एक जैसा दिखाई देता है।

कर्नाटक का कडुबू कर्नाटक में भगवान गणेश को कडुबू का भोग लगाया जाता है। यह मोदक जैसा ही एक पारंपरिक पकवान है, जिसे चावल के आटे और मीठी भरावन से बनाया जाता है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर दक्षिण भारत के कई घरों में इसे विशेष रूप से तैयार किया जाता है और पूजा के बाद प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

उत्तर भारत में लड्डू और पंचामृत*

उत्तर भारत में भगवान गणेश को बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू और पंचामृत का भोग लगाने की परंपरा है। कई जगहों पर गणपति पूजा में फल, मिठाई और अन्य सात्विक व्यंजन भी अर्पित किए जाते हैं। लड्डू को शुभता और मिठास का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे धार्मिक आयोजनों में खास स्थान दिया जाता है।

भगवान गणेश को भोग लगाने की परंपर :
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को शुद्ध मन और श्रद्धा से चढ़ाया गया भोग प्रिय होता है। भोग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उसे बनाने की विधि का भी विशेष ध्यान रखा जाता है।

गणपति पूजा में भोग केवल भोजन नहीं बल्कि भक्तों की आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि देश के हर हिस्से में अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार बप्पा को अलग-अलग व्यंजन अर्पित किए जाते हैं। देश की विविध संस्कृति और खानपान की परंपराओं के कारण गणेश पूजा में चढ़ाए जाने वाले भोग भी अलग-अलग होते हैं। कहीं मोदक तो कहीं लड्डू, पूरण पोली और अन्य स्थानीय पकवानों से बप्पा को प्रसन्न किया जाता है

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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