CBN 36 बिलासपुर। जैन समाज के परम पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन रविवार को शहर में भक्ति, पूजा-पाठ, प्रतिक्रमण और तपस्या के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। स्थानकवासी गुजराती जैन, श्वेतांबर जैन और तेरापंथ समाज के घरों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक श्रावक-श्राविकाएं आराधना और तपस्या में जुटे रहे। वैशाली नगर में 13 घंटे जाप चला।

नेहरू नगर के श्वेतांबर समाज में पूजन वेशभूषा धारण कर स्तवन, कुलनायक पूजा, शांति कलश पूजा और मंगल दीपक सहित कई आयोजन हुए। श्रीमती ज्योति चोपड़ा और संगीता चोपड़ा ने कल्पसूत्र का वाचन किया। इस दौरान निशी चोपड़ा के मार्गदर्शन में बच्चों ने ‘नव तत्व’ पर नाट्य मंचन किया। अतुल्या, पाखी, पंखुड़ी, प्रखर, दर्श, नक्श, महावीर, मौली और इप्सा ने जीव, अजीव, पुण्य, पाप, आश्रव, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष का स्वरूप बनकर प्रस्तुति दी। वरिष्ठजनों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की। संगीता चोपड़ा ने बच्चों को उपहार दिए।
वैशाली नगर में 13 घंटे चला जाप

तेरापंथ समाज ने छठे दिन को ‘जप दिवस’ के रूप में मनाया। आचार्य श्री महाश्रमण जी की कृपा से उपासिका बहनें भाग्यश्री सूर्या और लक्ष्मी मेहता के सानिध्य में हुलासचंद गोलछा के निवास पर आराधना हुई। सुबह भजन, प्रार्थना और योग के बाद सुबह 6 बजे से रात 7:15 बजे तक लगातार नवकार मंत्र जाप हुआ। उपासिका ने जप की महत्ता और मंत्र की पुनरावृत्ति के आध्यात्मिक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘ॐ’ और ‘अर्हम’ मंत्र के महत्व को समझाते हुए बताया कि लयबद्ध जप मन के विकारों के शमन में सहायक है। आयोजन में सुरेंद्र मालू, चंद्रप्रकाश बोथरा, विनोद लुनिया सहित समाज के अनेक श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। समाजजनों ने कहा कि पर्युषण संयम और क्षमाभाव का पर्व है, जिसमें आराधना से जीवन में सद्भाव और अनुशासन बढ़ता है।
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