बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय का मामला, बालिका छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश
CBN36 रायपुर, 13 सितंबर। बीजापुर के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई हो और दोषी किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए घर की तरह होते हैं। अभिभावक विश्वास के साथ अपने बच्चों को इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
शिकायत दबाने पर भी तय होगी जिम्मेदारी
सीएम साय ने कहा कि बीजापुर मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना विलंब विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि शिकायत की अनदेखी करने, उसे दबाने या छिपाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
सभी जिलों में छात्रावासों की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है। छात्रावास अधीक्षकों और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।
छात्राओं को खुलकर शिकायत करने का माहौल मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, छात्राओं से संवाद और प्रभावी निगरानी के जरिए असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान कर उन्हें पहले ही रोका जाए। छात्राओं के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वे बिना किसी भय और संकोच के अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकें।
दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, डराने-धमकाने या असुरक्षित वातावरण की शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय से तत्काल कार्रवाई करें। जरूरत पड़ने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग और अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वोपरि है। इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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