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September 13, 2026 11:11 pm

साहित्यिक चोरी से बचने के लिए शिक्षक-शोधार्थी विकसित करें अपनी लेखन शैली

प्रो. गौरव सिंह बोले- दूसरे के विचार को अपने नाम से प्रकाशित करना भी साहित्यिक चोरी

रंगोली से पोस्टर तक… हिंदी दिवस और पोषण माह में दिखी प्रतिभा, मंगलवार को होगा पुरस्कार वितरण

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिलेंगे पुरस्कार और प्रमाण-पत्र, कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा करेंगी अध्यक्षता

CBN36 वर्धा, 13 सितंबर। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साहित्यिक चोरी की चुनौती भी बढ़ी है। दूसरे के विचार, शब्द अथवा शोध सामग्री को अपने नाम से प्रकाशित करना अकादमिक ईमानदारी के खिलाफ है। शिक्षकों और शोधार्थियों को इससे बचने के लिए अपनी मौलिक लेखन शैली विकसित करनी चाहिए। यह बात इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के शिक्षा विभाग के आचार्य प्रो. गौरव सिंह ने कही।

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में शोध एवं विकास प्रकोष्ठ की ओर से ‘साहित्यिक चोरी : पहचान, रोकथाम एवं बचाव’ विषय पर आयोजित ऑनलाइन व्याख्यान में प्रो. सिंह ने कहा कि किसी के विचार को अपने नाम से प्रकाशित करना या उसके मूल स्रोत को छिपाना भी साहित्यिक चोरी की श्रेणी में आता है। वर्तमान दौर में प्रकाशित, अप्रकाशित, मुद्रित और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से सामग्री लेकर उसे अपने नाम से प्रस्तुत करने की प्रवृत्ति बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि अकादमिक जगत में मौलिकता और ईमानदारी बनाए रखना बेहद जरूरी है। साहित्यिक चोरी की अवधारणा करीब 2200 वर्ष पुरानी है, लेकिन डिजिटल माध्यमों के विस्तार के कारण इसकी पहचान और रोकथाम आज और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने साहित्यिक चोरी की पहचान के लिए उपलब्ध विभिन्न सॉफ्टवेयर की जानकारी दी और विश्वविद्यालयों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा के संरक्षकत्व में आयोजित हुआ। संचालन एवं आभार ज्ञापन शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. शंभू जोशी ने किया। व्याख्यान में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों के 29 संस्थानों से 100 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें आठ केंद्रीय विश्वविद्यालय और 17 राज्य विश्वविद्यालय भी शामिल रहे।

रंगोली से पोस्टर तक… हिंदी दिवस और पोषण माह में दिखी प्रतिभा, मंगलवार को होगा पुरस्कार वितरण

प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मिलेंगे पुरस्कार और प्रमाण-पत्र, कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा करेंगी अध्यक्षता

हिंदी दिवस और पोषण माह के अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंगलवार, 15 सितंबर को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह अपराह्न 3 बजे तुलसी भवन स्थित गालिब सभागार में आयोजित होगा।

केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के नागपुर कार्यालय और विश्वविद्यालय के राजभाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में वरिष्ठ संपादक आनंद निर्वाण मुख्य अतिथि होंगे। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।

समारोह में हिंदी माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही हिंदी के महत्व, राष्ट्र की एकता एवं संस्कृति में हिंदी की भूमिका तथा राजभाषा के रूप में हिंदी के व्यापक प्रयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

विश्वविद्यालय में हिंदी एवं पोषण माह के अंतर्गत टाइपिंग, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इनमें विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हिंदी भाषा के साथ स्वस्थ पोषण को केंद्र में रखकर आयोजित इन गतिविधियों में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विश्वविद्यालय और केंद्रीय संचार ब्यूरो, नागपुर की ओर से समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने की अपील की गई है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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