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September 10, 2026 7:42 pm

एनआईटी में गूंजा साइबर जागृति का संदेश, विद्यार्थियों को बताए ठगी से बचने के तरीके

फिशिंग, यूपीआई-ओटीपी फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट से बचाव की दी जानकारी -ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने की अपील

CBN36 रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में गुरुवार को एनआईटी रायपुर एवं छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में ‘साइबर जागृति—साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों से अवगत कराते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला, एनआईटी रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी, डीसीपी वेस्ट रॉबिन्सन गुरिया (आईपीएस), एडीसीपी साइबर डॉ. गौरव मंडल सहित पुलिस अधिकारी, संस्थान के अधिकारी, संकाय सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।

लालच, डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं साइबर अपराधी

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को फिशिंग, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया पर पहचान की चोरी एवं प्रतिरूपण, सेक्सटॉर्शन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराधों की पहचान और उनसे बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

एडीसीपी साइबर डॉ. गौरव मंडल ने कहा कि साइबर अपराधी सिर्फ मोबाइल या बैंक खाते को निशाना नहीं बनाते, बल्कि लोगों के मनोविज्ञान का फायदा उठाकर भी ठगी करते हैं। लालच, भय, जल्दबाजी और जानकारी का अभाव साइबर ठगी के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और ओटीपी, पिन, पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय गंवाए बिना 1930 पर कॉल करें और साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। तत्काल शिकायत से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।

विद्यार्थी बनें साइबर स्वयंसेवक

एनआईटी रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी ने विद्यार्थियों को साइबर स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक कर सकते हैं।

जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि साइबर अपराध अब वैश्विक स्वरूप ले चुका है। साइबर अपराध के जरिए धनराशि देश से बाहर चले जाने के बाद उसे वापस प्राप्त करना बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है।

उन्होंने विद्यार्थियों से साइबर स्वयंसेवक बनकर समाज में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जितना बढ़ रहा है, उतनी ही सतर्कता भी जरूरी है।

मंत्री ने कहा- निजी जानकारी साझा न करें

मुख्य अतिथि दयालदास बघेल ने डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड और निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने की सलाह भी उन्होंने दी।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम का समन्वय एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा, एसीपी आजाद चौक इशू अग्रवाल, एनआईटी रायपुर के डॉ. रूपेश कुमार देवांगन, एसोसिएट प्रोफेसर तथा डॉ. नितेश के. भारद्वाज, सहायक प्रोफेसर ने किया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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