बारिश में छत तोड़कर दो दुकानों में सेंध, 6.30 लाख की संपत्ति बरामद
CBN36 रायगढ़। घरघोड़ा के जयस्तंभ चौक में एक ही रात दो किराना दुकानों में हुई लाखों रुपये की चोरी का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान की। पुलिस से बचने के लिए आरोपी नागपुर भाग गया, लेकिन तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस उसके पीछे पहुंच गई। नागपुर से भागने के दौरान उसे राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 2 लाख 64 हजार 146 रुपये नकद, 1 किलो 508 ग्राम चांदी, सैमसंग मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल गमछा समेत कुल 6 लाख 30 हजार 286 रुपये की संपत्ति बरामद की है।
बारिश में छत तोड़कर दुकानों में घुसा
वारदात 23-24 अगस्त की दरम्यानी रात की है। जयस्तंभ चौक स्थित संतोष किराना दुकान को आरोपी ने पहले निशाना बनाया। तेज बारिश का फायदा उठाकर वह दुकान की छत पर पहुंचा और टीन शीट व दीवार के बीच बनी जगह से फॉल सीलिंग तोड़कर अंदर घुस गया।
आरोपी ने गल्ले में रखी करीब चार लाख रुपये की नकदी के साथ चांदी के सिक्के और चांदी का बिस्किट पार कर दिया। इसके बाद उसने बगल की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान में भी इसी तरीके से सेंध लगाई। यहां से करीब 90 हजार रुपये नकद के अलावा चिल्हर सिक्के, हल्दी, मसाले, साबुन, काजू, बादाम और अन्य सामान चोरी किया।
दोनों मामलों में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 265/2026 और 266/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 331(4), 305(ए) के तहत जांच शुरू की गई।
100 से अधिक कैमरों की फुटेज बनी अहम कड़ी
दो दुकानों में एक ही रात हुई चोरी को एसएसपी शशि मोहन सिंह ने गंभीरता से लिया और जल्द आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए। एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी और साइबर डीएसपी शिखर मरावी के नेतृत्व में घरघोड़ा पुलिस और साइबर टीम ने घटनास्थल से लेकर आसपास के रास्तों तक लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां पुलिस के हाथ लगीं। उसके हुलिए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान बरपाली नवाडीह निवासी सतीष चौहान (32) के रूप में की। पुलिस उसके घर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
चोरी के पैसों से खरीदा मोबाइल, 25 हजार घूमने-फिरने में उड़ाए
पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। जांच में पता चला कि उसने चोरी के पैसों से लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से 19,300 रुपये में सैमसंग A-07 मोबाइल खरीदा था। पूछताछ में आरोपी ने करीब 25 हजार रुपये घूमने-फिरने और खाने-पीने में खर्च करने की बात भी बताई।
इसके बाद तकनीकी निगरानी में उसकी लोकेशन नागपुर में मिली। रायगढ़ पुलिस की टीम तत्काल नागपुर रवाना हुई। पुलिस की दबिश की भनक लगते ही आरोपी वहां से भी भागने लगा। टीम ने उसका पीछा जारी रखा और अंततः राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पूछताछ में उगला चोरी का राज
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दोनों दुकानों में चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह दोनों दुकानों में अक्सर सामान खरीदने जाता था और दुकानों की बनावट से परिचित था। 23 अगस्त की रात तेज बारिश को उसने वारदात के लिए मुफीद मौका माना।
पहले संतोष किराना दुकान की छत से फॉल सीलिंग तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। सीसीटीवी में पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर गमछा बांधा। इसके बाद बगल की दुकान में भी इसी तरीके से प्रवेश कर चोरी की।
छह लाख से ज्यादा की संपत्ति बरामद
आरोपी के मेमोरंडम के आधार पर पुलिस ने
- 2,64,146 रुपये नकद
- 1 किलो 508 ग्राम चांदी, कीमत करीब 3,46,840 रुपये
- सैमसंग कंपनी का एंड्रॉएड मोबाइल
- सफेद-संतरा रंग का चेकदार गमछा
बरामद किया। बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 6,30,286 रुपये है।
आरोपी सतीष चौहान पिता स्व. नान्हूराम चौहान, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम बरपाली नवाडीह, थाना घरघोड़ा, जिला रायगढ़ को दोनों मामलों में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी बोले– कितना भी दूर भागे, कानून के शिकंजे से नहीं बचेगा
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध के बाद आरोपी कितना भी दूर भाग जाए, तकनीकी निगरानी और पुलिस के सतत प्रयास से उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा। घरघोड़ा चोरीकांड में टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की पहचान की और नागपुर से राजनांदगांव तक उसका पीछा करते हुए गिरफ्तारी की। टीम की तत्परता और समन्वित कार्रवाई से चोरी की संपत्ति भी बरामद की गई।
इनकी रही अहम भूमिका
आरोपी की पतासाजी और गिरफ्तारी में एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, साइबर डीएसपी शिखर मरावी, थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शुभम मिश्रा, एएसआई डेविड टोप्पो सहित पुलिस टीम और साइबर थाना के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय युवक कालिया गुप्ता और जनेश्वर कुर्रे का भी विशेष योगदान रहा।
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