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September 2, 2026 1:17 pm

12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की मुख्य न्यायाधीश ने की समीक्षा

CBN36 बिलासपुर। 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर बुधवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के न्यायिक अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल और उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू भी मौजूद रहे।

मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों से पुराने लंबित सिविल और आपराधिक सुलह योग्य मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में निपटाने के लिए प्रभावी प्रयास करने कहा। उन्होंने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) और मोटर दुर्घटना दावा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बीमा और वित्तीय कंपनियों से समन्वय के निर्देश

न्यायमूर्ति सिन्हा ने कहा कि प्री-लिटिगेशन मामलों में पक्षकारों को समझाइश देकर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराने का प्रयास किया जाए। न्यायिक अधिकारियों को पक्षकारों के साथ पहले से बैठक कर ऐसे मामलों की पहचान करने को कहा गया, जिनमें बीमा और वित्तीय कंपनियां पक्षकार हैं। संबंधित संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मामलों में समझौता कराने पर जोर दिया गया।

28.35 लाख से अधिक मामलों की पहचान

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर 12 सितंबर को हाईकोर्ट, जिला एवं तहसील न्यायालयों के साथ पारिवारिक न्यायालय, फोरम, अधिकरण और राजस्व न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। इसमें सिविल और आपराधिक सुलह योग्य मामलों समेत विभिन्न विवादों का आपसी सहमति से निराकरण किया जाएगा। जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए मोहल्ला लोक अदालत भी आयोजित की जाएगी।

जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 28 लाख 35 हजार 773 मामलों की पहचान की जा चुकी है। इनमें 27 लाख 83 हजार 141 प्री-लिटिगेशन और 52 हजार 832 न्यायालयों में लंबित मामले शामिल हैं। इन मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह और समझौते की संभावनाएं तलाशने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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