Explore

Search

August 26, 2026 7:24 pm

सब्जी नहीं बनाने पर पत्नी की गला दबाकर हत्या, शव जलाकर हड्डियां दफनाईं; डीएनए से खुला राज

“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के खुलासे को प्रोफेशनल पुलिसिंग और वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर इस्तेमाल का उदाहरण बताया। उन्होंने अंधे कत्ल का खुलासा करने वाली कापू पुलिस टीम की सराहना की”

कापू में पति ने गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर पुलिस ने आरोपी को दबोचा

CBN36 रायगढ़। कापू थाना क्षेत्र में अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझा ली। पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद आरोपी पति ने शव को घर के आंगन में जला दिया और हड्डियों के अवशेष जमीन में दफना दिए। इसके बाद थाने पहुंचकर पत्नी के गुम होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस की जांच में पति के बयानों और व्यवहार में विरोधाभास सामने आया। हड्डियों के अवशेषों के डीएनए परीक्षण में मृतका की पहचान चमेली सिदार के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी पति देवानंद सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

16 अप्रैल की रात हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार ने 28 अप्रैल 2026 को थाना कापू में अपनी पत्नी चमेली सिदार के 16 अप्रैल की रात करीब आठ बजे घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पति के बयान और उसके व्यवहार में पुलिस को कई विरोधाभास मिले। महिला के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो संदेह पति पर गहराता गया।

प्रेम विवाह के चार साल बाद हत्या

मृतका के पिता बालसाय सिदार ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार साल पहले प्रेम संबंध के चलते देवानंद उसे अपने साथ कुमा ले गया था। दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे और उनकी कोई संतान नहीं थी।

18 अप्रैल को देवानंद मक्कापुर स्थित ससुराल पहुंचा और चमेली के वहां आने के बारे में पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि वह वहां नहीं आई है। इसके बाद वह वापस चला गया।

‘सब्जी नहीं बनाई’ तो पत्नी से हुआ विवाद

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने को लेकर पत्नी से विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर के आंगन में जला दिया। हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।

डीएनए जांच से हुई मृतका की पहचान

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग क्रमांक 45/2026 के तहत जांच शुरू की। शव के अवशेष बरामद करने के लिए विधिवत अनुमति ली गई। एफएसएल अधिकारी की मौजूदगी में घटनास्थल से जले हुए हड्डियों के अवशेष बरामद कर जब्त किए गए।

डॉक्टर द्वारा संरक्षित हड्डी के नमूने का डीएनए परीक्षण कराया गया। रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष गुम महिला चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। वैज्ञानिक साक्ष्य मिलने के बाद 23 अगस्त 2026 को थाना कापू में अपराध क्रमांक 140/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238(ए) में मामला दर्ज किया गया।

तीन दिन गांव के बाहर कैंप कर आरोपी को पकड़ा

अपराध दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया।

इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में लगातार तीन दिन गांव के बाहर कैंप किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एसएसपी ने टीम की सराहना की

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले के खुलासे को प्रोफेशनल पुलिसिंग और वैज्ञानिक साक्ष्यों के बेहतर इस्तेमाल का उदाहरण बताया। उन्होंने अंधे कत्ल का खुलासा करने वाली कापू पुलिस टीम की सराहना की।

मामले के खुलासे में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एएसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की, चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उप निरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी कैवर्त, आरक्षक विभूति सिंह, संजीव पटेल, विनय कुमार एक्का, दिलीप तिर्की और अमरदीप एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS