
“स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री प्रदेश की टॉपर बेटियों को किया सम्मानित, दी स्कॉलरशिप बेमेतरा की प्रदेश टॉपर ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये, स्कूल को भी एक लाख का पुरस्कार”
CBN36 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास का मूल आधार है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देती है, जबकि रोजगार उनके सपनों को साकार करने का मजबूत आधार बनता है। राज्य सरकार उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री बुधवार को राजधानी रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों की टॉपर बेटियों को सम्मानित किया और उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की।
उन्होंने कहा कि इन बेटियों की उपलब्धि उनके परिवार और विद्यालय के साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
प्रदेश टॉपर ओमनी वर्मा को एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप

कक्षा 12वीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने वाली बेमेतरा की ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री साय ने एक लाख रुपये का चेक और सम्मान पत्र प्रदान किया। ओमनी वर्मा के विद्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी एक लाख रुपये की राशि का चेक दिया गया।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों का सम्मान किया। इस दौरान बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया गया।
मिट्टी के स्कूल से आधुनिक शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने प्रतिभावान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि होनहार बेटियों के बीच आकर उन्हें अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गृहग्राम बगिया की प्राथमिक शाला में हुई थी। पांचवीं बोर्ड की परीक्षा देने के लिए उन्हें अपने गांव से कुछ दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि उस समय गांव के स्कूल का भवन मिट्टी का हुआ करता था और उसकी मरम्मत के लिए गांव के लोग मिलकर सहयोग करते थे। आज छत्तीसगढ़ ने राज्य निर्माण के 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्थानों का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय उपलब्ध हैं। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान भी छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं। इससे प्रदेश के बच्चों को अपने ही राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
बस्तर में शिक्षा का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ शिक्षा का नया अध्याय भी शुरू हो रहा है। जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी की शुरुआत की जा रही है। जिन इलाकों में कभी परिस्थितियों के कारण शिक्षा तक पहुंच चुनौतीपूर्ण थी, वहां अब बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना और नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
34 नालंदा परिसर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
साय ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल नए शैक्षणिक संस्थान स्थापित करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। यहां युवाओं को शांत और सुविधायुक्त वातावरण में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए 200 बिस्तरों वाला ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस वर्ष हॉस्टल में रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि सही अवसर और सुविधाएं मिलने पर छत्तीसगढ़ के युवा देश की कठिनतम प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा साबित कर सकते हैं।
एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य के विद्यार्थी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नई तकनीकों से परिचित हों और भविष्य की संभावनाओं का लाभ उठा सकें, इसके लिए छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने एआई मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और उन्हें भविष्य के रोजगार तथा नवाचार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
बस्तर में शांति के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। इसके परिणामस्वरूप बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है और विकास की गति तेज हुई है।
उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के 92 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया। यह बदलते बस्तर की नई तस्वीर है। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, राशन और अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ और ‘नियद नेल्लानार’ जैसी पहलों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। एक लाख से अधिक लोगों के राशन कार्ड भी बनाए गए हैं।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा सहित अनेक प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि धुड़मारास में विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय जनजातीय जीवन, संस्कृति, खान-पान और परंपराओं को करीब से जान रहे हैं।
राज्य सरकार बस्तर सहित प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा भी दी जा रही है। पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है।
नई उद्योग नीति से निवेश और रोजगार को गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर तैयार करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024-30 को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिसाद मिल रहा है।
नई नीति के तहत अब तक करीब आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू हुए हैं। इन निवेश प्रस्तावों का असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दे रही है, जो स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराएंगी। एक हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए बीस्पोक नीति के तहत विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है।
बारिश के बाद लगेंगे रोजगार मेले
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा।
उन्होंने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप से सम्मानित सभी छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर मेहनत करें। राज्य सरकार उनके सपनों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, तकनीक और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, गोयल ग्रुप एंड कंपनीज के चेयरमैन सुरेश गोयल, राजीव गोयल, दिनेश गोयल, रविकांत मित्तल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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