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August 20, 2026 2:11 am

साइबर ठगी से बचने जागरूकता जरूरी, ओटीपी -पिन किसी से साझा न करें : आईजी

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यार्थियों को किया जागरूक, एसएसपी बोले- छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी

CBN36 बिलासपुर। डिजिटल दौर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी के जरिए साइबर अपराधी लोगों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई चंद मिनटों में हड़प रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है। यह बात पुलिस महानिरीक्षक रेंज आईपीएस रामगोपाल गर्ग ने बुधवार को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।

राज्य स्तरीय ‘साइबर जागृति अभियान’ (15 अगस्त से 2 अक्टूबर) के तहत बिलासपुर पुलिस की ओर से विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आईजी गर्ग ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की समझाइश देते हुए कहा कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान मोबाइल एप या APK फाइल डाउनलोड करने से भी बचें।

जागरूकता की सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर करें साझा

आईजी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे साइबर जागरूकता की सेल्फी लेकर उसे व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक स्टेटस पर साझा करें। साथ ही बिलासपुर पुलिस को फॉलो कर स्वयं साइबर सुरक्षित बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।

सुविधा के साथ दुविधा भी, लापरवाही पड़ सकती है भारी : एसएसपी

उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह ने कहा कि आज समाज का हर वर्ग किसी न किसी रूप में साइबर अपराध के खतरे से प्रभावित है। युवा वर्ग के पास मोबाइल और इंटरनेट का सबसे अधिक उपयोग है, इसलिए उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन डिजिटल दुनिया में जरा सी लापरवाही या एक छोटी सी भूल साइबर अपराध का शिकार बना सकती है। सुविधा के साथ दुविधा की यह स्थिति समझना जरूरी है।

एसएसपी ने विद्यार्थियों से कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 1930 और पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

Mobiarmor ऐप से खतरनाक ऐप और फाइलों की मिलेगी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Mobiarmor ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि यह मोबाइल में मौजूद खतरे वाले ऐप और फाइलों के संबंध में सतर्क करने में मदद करता है। विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और इस जानकारी को परिवार व आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

गूगल फॉर्म पर पढ़ें जानकारी, फिर दें ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी

साइबर जागरूकता को विद्यार्थियों तक रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने गूगल फॉर्म आधारित वैकल्पिक प्रश्नोत्तरी की पहल की है। इसमें साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव से संबंधित जानकारी पढ़ने के बाद विद्यार्थी ऑनलाइन प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं।

इस प्रश्नोत्तरी में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है। एसएसपी रजनेश सिंह ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इसमें भाग लेने की अपील की।

थाना और चौकी स्तर पर भी चल रहा अभियान

एसएसपी ने बताया कि ‘साइबर जागृति अभियान’ बिलासपुर जिले के प्रत्येक थाना और चौकी क्षेत्र में भी जोर-शोर से चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम लोगों, खासकर युवाओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल समाज तैयार करना है।

कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, आईजी रामगोपाल गर्ग, डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस गगन कुमार, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलपति संजय कुमार चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. अश्वनी कुमार दीक्षित, प्रो. निदेशक मनीष श्रीवास्तव सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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