बागपत के ट्यौढ़ी गांव के 24 वर्षीय अमन कुमार को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि का न्योता
CBN 36 बागपत। कभी पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए गांव-गांव साइकिल से अखबार बांटने वाला बागपत का युवा अमन कुमार अब देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा। ट्यौढ़ी गांव निवासी 24 वर्षीय अमन को भारत सरकार ने लाल किले पर आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। 15 अगस्त को लाल किले पर आयोजित समारोह में अमन देश के चुनिंदा अतिथियों के बीच मौजूद रहेंगे।
पढ़ाई पूरी करने के लिए बांटे अखबार
अमन का सफर संघर्षों से भरा रहा है। पढ़ाई जारी रखने की जिद में उन्होंने गांव-गांव साइकिल चलाकर अखबार बांटे। इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन सही जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में उन्हें अवसर नहीं मिल पाते। इसी सोच ने अमन को युवाओं के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया।
86 लाख से अधिक युवाओं तक पहुंचाई जानकारी
अमन ने ‘प्रोजेक्ट कॉन्टेस्ट 360’ और ‘उड़ान यूथ क्लब’ की शुरुआत की। जिस जानकारी और अवसर के लिए कभी उन्हें खुद संघर्ष करना पड़ा था, उसे उन्होंने दूसरे युवाओं तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। उनके प्रयासों से उत्तर प्रदेश ही नहीं, देशभर के 86 लाख से अधिक युवाओं को करियर और विभिन्न अवसरों की जानकारी से जोड़ा गया।
तकनीक के जरिये जनसेवा में भी योगदान
‘माय भारत’ से जुड़कर अमन ने बागपत प्रशासन के साथ मिलकर कांवड़ यात्रा ऐप, स्वीप ऐप और सूचना सेतु जैसे तकनीकी नवाचारों पर भी काम किया। इन प्रयासों के जरिए उन्होंने यह साबित किया कि गांव का युवा तकनीक का इस्तेमाल कर समाज और प्रशासन के लिए प्रभावी काम कर सकता है।
प्रधानमंत्री के सामने रखे यूपी के युवाओं के विचार
अमन ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ में टीम उत्तर प्रदेश के ग्रुप कैप्टन के रूप में प्रदेश के 75 जिलों के युवाओं के विचारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सामने रखा। उनकी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के सर्वोच्च ‘स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
यूनेस्को और यूनिसेफ के मंच पर भी पहचान

अमन को राष्ट्रीय स्तर पर ‘आई-वॉलिंटियर यूथ चैंपियन’ सम्मान भी मिल चुका है। वह यूनेस्को, यूनिसेफ और नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी से जुड़े वैश्विक मंचों पर भी युवाओं और उत्तर प्रदेश की प्रतिभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
बोले अमन- यह सम्मान हर गांव के युवा की जीत
लाल किले से मिले निमंत्रण पर अमन कुमार ने कहा यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के गांव-देहात में बैठकर राष्ट्र निर्माण का सपना देखने वाले हर युवा की मेहनत की जीत है।
ट्यौढ़ी के कच्चे रास्तों से निकलकर लाल किले की प्राचीर तक पहुंचा अमन का सफर संघर्ष, संकल्प और सफलता की कहानी है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से उनका यह प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए भी गर्व का क्षण होगा।
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