CBN36 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की बिलासपुर पीठ ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की नियमितीकरण, स्थायीकरण और संविलियन की मांग पर राज्य सरकार को समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस बीडी गुरु की एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने तथा राज्य सरकार को उस पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता राजू साहू सहित 18 कर्मचारियों ने 5 मई 2026 को नियमितीकरण, स्थायीकरण और संविलियन की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग के समक्ष अभ्यावेदन दिया था। उनका कहना था कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उनके आवेदन पर विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया।
विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नियमितीकरण और संविलियन संबंधी अभ्यावेदन लंबे समय से लंबित है, इसलिए सक्षम अधिकारी को निश्चित समय-सीमा में इस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट ने अदालत को बताया कि सरकार को अभ्यावेदन पर निर्णय लेने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने एक माह के भीतर मामले का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर सक्षम प्राधिकारी 30 दिनों के भीतर विधि अनुसार निर्णय ले।
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