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July 25, 2026 6:02 pm

30 टन लोहे की हेराफेरी का पर्दाफाश: फर्जी नंबर प्लेट और ड्राइवर बनकर 14 लाख का माल उड़ाने वाले 4 गिरफ्तार

“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा ऑपरेशन क्लीन हंट’लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। योजनाबद्ध अपराध करने वाले हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा, चाहे वह किसी भी राज्य या गिरोह से जुड़ा क्यों न हो”

CBN 36 रायगढ़।रायगढ़ पुलिस के ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चक्रधरनगर थाना पुलिस ने एक बड़े आर्थिक अपराध का खुलासा किया है। एमएसपी प्लांट से 14.22 लाख मूल्य के एमएस चैनल और बीम की सुनियोजित तरीके से हेराफेरी करने वाले मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शातिर बदमाशों ने फर्जी ड्राइवर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरे ट्रांसपोर्टर की गाड़ी के नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।

ऐसे रची गई थी साजिश

चक्रधरनगर पुलिस के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि एमएसपी प्लांट जामगांव से जमशेदपुर भेजे जाने वाले 30 टन लोहे को एक व्यक्ति ने खुद को ड्राइवर विनोद साहू बताकर लोड कराया था। उसने वाहन क्रमांक CG-15-AC-2383 के नंबर प्लेट का उपयोग किया था, लेकिन माल तयशुदा गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि न तो वह व्यक्ति असली ड्राइवर था और न ही उसके दस्तावेज सही थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अक्सर ट्रांसपोर्टिंग के लिए वाहन मालिक राजेंद्र राम यादव की गाड़ी का इस्तेमाल करता है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने खुद को राजेंद्र राम यादव का ड्राइवर बताकर माल लोड करवाया था। मामले में पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पूछताछ में खुला राज, झारखंड तक जुड़े तार

तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता भगतपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह सुनियोजित षड्यंत्र रचा था।

मुख्य तथ्य

फर्जी नाम विनोद साहू बनकर माल लोड करवाने वाला मुख्य आरोपी पुष पुरी गोस्वामी था।

आरोपियों ने ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर एमएसपी प्लांट से माल उठाया और उसे झारखंड के खरीदारों को बेच दिया।

भगतपुरी गोस्वामी ने इस 30 टन लोहे और ट्रक का सौदा अभय रवानी से करीब ₹7 लाख में तय किया था।

अभय रवानी ने पूछताछ में कबूला कि उसने यह माल और ट्रक अपने परिचित राजीव मल्लिक निवासी धनबाद, झारखंड को बेच दिया था।

साक्ष्य मिटाने की साजिश, बीएनएस की नई धाराएं जुड़ीं

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर साक्ष्य मिटाने और योजनाबद्ध तरीके से सामूहिक अपराध करने की धाराओं (धारा 338 बीएनएस और धारा 3(5) बीएनएस) का इजाफा किया है। 24 जुलाई 2026 को सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी और राजीव मल्लिक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में भगतपुरी गोस्वामी पिता धरमपुरी, उम्र 48 वर्ष, निवासी पत्थलगांव, जिला जशपुर, छत्तीसगढ़,तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख पिता मुख्तार अंसारी, उम्र 30 वर्ष, निवासी सेन्हा, जिला लोहरदगा, झारखंड,अभय कुमार रवानी पिता नंदलाल रवानी, उम्र 24 वर्ष, निवासी बरोरा, जिला धनबाद, झारखंड,प्रेम कुमार रवानी पिता विनोद कुमार रवानी, उम्र 24 वर्ष, निवासी बरोरा, जिला धनबाद, झारखंड शामिल हैं ।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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