बिलासपुर CBN36 । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सतर्कता विभाग ने कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। निवारक सतर्कता (प्रिवेंटिव विजिलेंस) के तहत गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और रायगढ़ की प्रमुख खदानों में समर्पित ट्रक डिस्पैच मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। यहां रियल-टाइम डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रकों की आवाजाही, डिस्पैच की स्थिति और परिचालन संबंधी संभावित बाधाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।
एसईसीएल के अनुसार इन कंट्रोल रूम का विकास पूरी तरह इन-हाउस किया गया है। यह संगठन की तकनीकी क्षमता, नवाचार और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। कंट्रोल रूम के जरिए डिस्पैच प्रक्रिया में आने वाली संभावित बाधाओं की समय रहते पहचान कर त्वरित हस्तक्षेप किया जा सकेगा, जिससे संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी सुनिश्चित होगा।
सतर्कता विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की पहचान करना नहीं, बल्कि प्रणालीगत सुधार के जरिए ऐसी परिस्थितियों को रोकना है, जो कोयला डिस्पैच में अनावश्यक विलंब, परिचालन संबंधी अक्षमता या पारदर्शिता की कमी का कारण बन सकती हैं। रियल-टाइम निगरानी से डिस्पैच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था से ट्रक टर्नअराउंड टाइम (टीएटी) घटने, वाहनों के निर्गमन में होने वाली देरी कम होने तथा कोयला डिस्पैच एवं निकासी की दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही रियल-टाइम डेटा के आधार पर त्वरित और तथ्यपरक निर्णय लेने में भी आसानी होगी।
एसईसीएल ने बताया कि यह पहल केंद्रीय सतर्कता आयोग की निवारक सतर्कता की अवधारणा के अनुरूप है। डिजिटल तकनीक, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सक्रिय परिचालन प्रबंधन के समन्वय से सतर्कता विभाग कोयला डिस्पैच व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रणालीगत सुधार को बढ़ावा देने के साथ तकनीक-सक्षम खनन एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
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