
“एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घटनास्थल से दूर जाने के बजाय तत्काल डॉयल-112 या निकटतम थाना पुलिस को सूचना दें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की यथासंभव सहायता करें”
जशपुर। लोरो घाट में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जशपुर पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में त्वरित और सुनियोजित रेस्क्यू अभियान चलाकर ट्रक के केबिन में फंसे तीन लोगों की जान बचा ली। करीब तीन घंटे तक चले अभियान में कटर मशीन से क्षतिग्रस्त केबिन काटकर तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार, धनबाद (झारखंड) से कोयला लेकर रायपुर जा रहा टाटा ट्रक (क्रमांक JH-02-AM-6041) बुधवार शाम करीब सात बजे लोरो घाट में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि चालक, वाहन मालिक समेत तीन लोग ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग, डॉयल-112, अग्निशमन दल और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी तत्काल घटनास्थल पहुंचे और स्वयं पूरे रेस्क्यू अभियान की कमान संभालते हुए लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस मितान और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से करीब तीन घंटे तक चले अभियान में कटर मशीन से केबिन काटकर तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल, जशपुर भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सफल रेस्क्यू अभियान के बाद एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग, डॉयल-112, अग्निशमन दल, पुलिस मितान और सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सभी ने साहस, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय दिया, जिसके कारण तीन लोगों का जीवन बचाया जा सका।
एसएसपी ने घोषणा की कि रेस्क्यू अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य रेस्क्यू टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं, बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नागरिकों के नाम गुड सेमिरिटन (नेक नागरिक) योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भेजे जाएंगे।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घटनास्थल से दूर जाने के बजाय तत्काल डॉयल-112 या निकटतम थाना पुलिस को सूचना दें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की यथासंभव सहायता करें। समय पर सूचना और नागरिकों का सहयोग कई बार किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित होता है।
प्रधान संपादक


