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July 14, 2026 6:40 pm

एक माह से अंधेरे में स्कूल, बिजली विभाग की लापरवाही से बेहाल मासूम

बिजली गुल तो पेयजल भी बंद, उमस में पढ़ाई; स्कूल के पास गिरा खंभा, हादसे का खतरा बरकरार

बिलासपुर। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच बिलासपुर जिले के प्राथमिक शाला नदियापार, चनाडोंगरी की हकीकत बेहद चिंताजनक है। पिछले एक माह से विद्यालय अंधेरे में डूबा हुआ है। बिजली आपूर्ति ठप होने से न सिर्फ पंखे बंद हैं, बल्कि पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच छोटे-छोटे बच्चे बिना बिजली और पानी के पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।

विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार आवेदन एक टेबल से दूसरी टेबल तक ही घूमता रहा। एक माह बीत जाने के बाद भी विभाग समस्या का समाधान नहीं कर पाया, जिससे अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामला केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है। विद्यालय परिसर के समीप बिजली का खंभा लंबे समय से गिरा पड़ा है, जो कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। इसके बावजूद विभाग ने न तो खंभा हटाया और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं देने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। बिना बिजली और पानी के मासूम बच्चों से पढ़ाई की उम्मीद करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए विद्यालय की बिजली व्यवस्था बहाल करने, पेयजल संकट दूर करने और गिरे हुए बिजली खंभे को तत्काल हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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