वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोप लगाया है कि कुछ छात्र विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार कुछ छात्र बिना अनुमति प्रशासनिक भवन में धरने पर बैठे हैं।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रशासनिक निर्णय के तहत स्त्री अध्ययन विभाग और फिल्म अध्ययन विभाग को वर्धा से प्रयागराज स्थित क्षेत्रीय केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। वहीं, सत्र 2022-23 की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ा मामला मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में विचाराधीन है।
प्रशासन के मुताबिक पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर 27 जुलाई को होने वाली विद्या परिषद की बैठक में विचार किया जाएगा। कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने इस विषय को परिषद के समक्ष रखने की पहल की है।
बयान में कहा गया है कि कुलपति के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियों में तेजी आई है। हाल ही में छठा दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए। इसके अलावा वंदे मातरम् के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन किया गया। रिद्धपुर स्थित अध्ययन केंद्र में यूजीसी समर्थित भारतीय ज्ञान परंपरा की एक वर्षीय पायलट परियोजना भी संचालित की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि कुछ लोग अकादमिक और प्रशासनिक गतिविधियों से ध्यान भटकाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं और विद्यार्थियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
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