बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत 70 वर्षीय तीजन बाई का आज तड़के सुबह एम्स में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही प्रदेशभर के लोक कलाकारों, साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों तथा कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला और विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा और सशक्त गायन शैली के माध्यम से पंडवानी जैसी लोककला को प्रदेश से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अपनी कला के बल पर पंडवानी को जन-जन तक पहुंचाया और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित किया।
कांग्रेस परिवार की ओर से पूर्व विधायक शैलेश पांडे, पूर्व विधायक श्रीमती रश्मि सिंह, विधायक दिलीप लहरिया, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला, पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक तथा पूर्व प्रदेश सचिव महेश दुबे ने भी तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसी प्रकार जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री तथा जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि तीजन बाई का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके निधन से छत्तीसगढ़ की लोक सांस्कृतिक परंपरा को अपूरणीय क्षति पहुंची
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