“एसएसपी ने कहा जो लोग पुलिस पर पैसे की मांग और मारपीट के आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें अपने कार्यालय में आमंत्रित करता हूं। यदि आपके पास इन आरोपों के संबंध में कोई भी तथ्यात्मक जानकारी या साक्ष्य हैं, तो कृपया उन्हें मेरे साथ साझा करें, ताकि जांच के अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने में सहायता मिल सके,उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी की गलती सिद्ध होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
रायगढ़ । जेल बंदी संजय बघेल की उपचार के दौरान हुई मृत्यु के मामले में न्यायिक जांच प्रारंभ कर दी गई है। एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मीडिया एवं आमजन से धैर्य बनाए रखने तथा अपुष्ट जानकारी के आधार पर किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक खबरों के प्रसार से बचने की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संजय बघेल का उपचार के दौरान निधन हुआ था। मामले की परिस्थितियों की विस्तृत जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर यदि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष सिद्ध होता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, मृतक की पीठ पर दिखाई देने वाले निशानों को लेकर उठे सवालों पर फॉरेंसिक विभाग के विशेषज्ञों से राय ली गई। विशेषज्ञों के अनुसार ये निशान पोस्ट मॉर्टम लिविडिटी (Post Mortem Lividity) के हैं। यह मृत्यु के बाद शरीर में रक्त के गुरुत्वाकर्षण के कारण एकत्र होने से बनने वाली सामान्य चिकित्सीय स्थिति मानी जाती है।
मामले को लेकर उठ रहे विभिन्न आरोपों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर पैसे की मांग और मारपीट के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति के पास इन आरोपों से संबंधित कोई तथ्यात्मक जानकारी, साक्ष्य या प्रमाण उपलब्ध हैं तो वह सीधे उनके कार्यालय में आकर जानकारी साझा कर सकता है। एसएसपी ने कहा कि ऐसे सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया जाएगा, जिससे मामले के अंतिम निष्कर्ष तक निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर पहुंचा जा सके।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि न्यायिक जांच पूरी होने तक तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करें तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी को प्रसारित करने से बचें, जिससे जांच प्रभावित न हो और जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एसएसपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान यह सिद्ध होता है कि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ने कोई गलत कार्य किया है, तो उसके विरुद्ध बिना किसी पक्षपात के कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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