धमतरी।छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में धमतरी जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कुरूद विकासखंड के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र चर्रा में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनित गांवों के कस्टम हायरिंग सेंटरों को आधुनिक सीड ड्रिल मशीनें वितरित की गईं। इस पहल से किसानों को कम लागत में कृषि यंत्रों की सुविधा मिलने के साथ ही धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (कार्ड) संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। सीड ड्रिल मशीनों के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को भी वैज्ञानिक खेती अपनाने में सुविधा मिलेगी।

योजना के अंतर्गत कन्हारपुरी, मोंगरा, कुर्रा, देवरी, राखी, गातापार, भैसबोड़, कुहकुहा, अटंग और बकली गांवों को लाभान्वित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान कार्ड फाउंडेशन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कृषक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को धान की सीधी कतार बुवाई (डायरेक्ट सीडेड राइस-डीएसआर) तकनीक की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक रोपा पद्धति की तुलना में अधिक किफायती है। इससे बीज और श्रम लागत में कमी आती है तथा सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता भी कम होती है। जल संरक्षण के साथ-साथ यह तकनीक फसल की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
जिला प्रशासन ने भी इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशासन का मानना है कि कृषि यंत्रीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से छोटे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि महाविद्यालय के प्रतिनिधियों तथा कार्ड संस्था के पदाधिकारियों ने भाग लिया। समापन अवसर पर अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर सीड ड्रिल मशीनों को संबंधित गांवों के लिए रवाना किया। यह पहल धमतरी जिले में टिकाऊ और आधुनिक कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
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