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May 23, 2026 11:14 pm

अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, मुंगेली पुलिस को मिली 65 लाख की फॉरेंसिक वैन

डिप्टी सीएम अरुण साव और आईजी रामगोपाल गर्ग कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल,एसएसपी ने दिखाई हरी झंडी

डिप्टी सीएम अरुण साव बोले- आधुनिक तकनीक से अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई ताकत,आईजी रेंज गर्ग ने कहा अब घटनास्थल पर ही होगी प्रारंभिक जांच, साक्ष्य नष्ट होने की संभावना होगी कम

छत्तीसगढ़।अपराध अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को मजबूत बनाने की दिशा में मुंगेली पुलिस को बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर जिले को करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से लैस यह वैन अब जिले में अपराधों की जांच को तेज, पारदर्शी और सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जनदर्शन सभाकक्ष में आयोजित हुई विशेष कार्यशाला

मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन, तकनीकी उपयोग और कार्यप्रणाली की जानकारी देने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनदर्शन सभाकक्ष में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के समापन के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर वैन को जिले में सेवा के लिए रवाना किया।

डिप्टी सीएम बोले- जांच प्रक्रिया को मिलेगी नई ऊंचाई

कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव और बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को नई ऊंचाई देगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से लैस यह वैन अपराध अनुसंधान में तेजी लाने के साथ सटीक जांच सुनिश्चित करेगी। साथ ही पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक अनुसंधान के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेरित किया।

आईजी रेंज रामगोपाल गर्ग ने जताया भरोसा

बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने भरोसा जताया कि मुंगेली पुलिस इस हाईटेक फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग करते हुए आपराधिक मामलों के त्वरित निराकरण में सफलता हासिल करेगी। उन्होंने जिला पुलिस बल को शुभकामनाएं भी दीं।

न्याय प्रक्रिया को मिलेगी मजबूती : एसएसपी भोजराम पटेल

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि न्याय व्यवस्था में वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं और यह फॉरेंसिक वैन निष्पक्ष, पारदर्शी और सटीक जांच सुनिश्चित कर पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक बनेगी।

घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की दी जानकारी

तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञ ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को वैन की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य कैसे जुटाए जाएं और जांच के दौरान कौन-कौन से साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं।

साक्ष्य संरक्षण और तकनीकी सावधानियों पर प्रशिक्षण

फॉरेंसिक विशेषज्ञ ने साक्ष्य एकत्रित करने के दौरान बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों, साक्ष्यों की सुरक्षा और उनकी वैधानिकता बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी।

मौके पर ही होगी प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों और किट्स के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच कैसे की जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना भी कम होगी।

बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, डीएसपी हरविंदर सिंह, वैज्ञानिकी अधिकारी ज्योत्सना लकड़ा, बार काउंसिल अध्यक्ष राजमन सिंह, डीडीपी पुष्पा भगत, वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना और चौकी प्रभारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अपराध अनुसंधान में ‘गेम चेंजर’ साबित होने की उम्मीद

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन भविष्य में अपराध अनुसंधान को नई गति देगी और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में “गेम चेंजर” साबित होगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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