
“आईजी रेंज आईपीएस रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में चला विशेष अभियान,सात राज्यों में दबिश, 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता”
छत्तीसगढ़ ।जांजगीर-चांपा जिले के थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक माह बाद पुलिस ने ऑपरेशन हंट के तहत अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आईजी रेंज बिलासपुर आईपीएस राम गोपाल गर्ग ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उधारी के पैसों को लेकर चल रहे विवाद, मृतक आयुष कश्यप के बढ़ते प्रभाव, आर्थिक प्रगति और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से उपजी जलन एवं द्वेष के चलते हत्या की साजिश रची थी।

गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार बघेल (23), भूषण बघेल (23) एवं अमित टंडन (28) शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम करही के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, अतिरिक्त खाली मैगजीन तथा मोटरसाइकिल बरामद की है।
श्री गर्ग ने बताया कि 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
घटना की जानकारी मिलने पर मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी।
वहीं घटना को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग स्वयं बिलासपुर से रवाना होकर घटनास्थल पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना करने के पश्चात पुलिस के अधिकारियों की बैठक ली और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच के दौरान पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी। इस दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए तथा साइबर एवं आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही।

इसी बीच प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद आईजी रेंज के निर्देश पर ऑपरेशन हंट शुरू किया गया, जो जांच में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा किया कि उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक परिवार से विवाद चल रहा था। साथ ही मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से आरोपी जलन महसूस कर रहे थे। व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची।
आईजी रेंज ने बताया कि वारदात की रात आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे, मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मार दी गई।गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य साजिशकर्ता एवं अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे पर आईजी रेंज राम गोपाल गर्ग ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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