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May 21, 2026 12:00 am

पेयजल की नियमित आपूर्ति और गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करें : मुख्य सचिव

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक में दिए निर्देश

रायपुर, 20 मई । मुख्य सचिव विकासशील ने जल जीवन मिशन के तहत राज्य में नियमित पेयजल आपूर्ति तथा पानी की गुणवत्ता की सतत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 से पहले प्रदेश के सभी ग्रामीण घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 की कार्ययोजना पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जनभागीदारी, प्रशिक्षण और सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही भू-जल संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए “जल अर्पण” पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि गांवों में पानी की टंकियां और नल कनेक्शन स्थापित करने के बाद अब योजनाओं के सुचारू संचालन और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नल-जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है तथा समितियों में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य की गई है। जिला कलेक्टरों को योजनाओं की सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने और केंद्र से प्राप्त राशि का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में करने के निर्देश दिए। साथ ही जल आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की खराबी की रियल टाइम निगरानी के लिए सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के उपयोग पर जोर दिया।

बैठक में नक्सल प्रभावित और दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को इन क्षेत्रों में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सिंगल विलेज स्कीम के तहत 29 हजार 90 योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय जल स्रोतों से पाइपलाइन द्वारा घर-घर नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों और गांवों के समूहों तक पेयजल पहुंचाने के लिए 70 बल्क वॉटर योजनाएं संचालित हैं।

पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत 1,531 गांवों से जुड़ी करीब 920 छोटी पीवीटीजी बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे परिवारों तक पेयजल पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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