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May 9, 2026 8:35 pm

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी,अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

बिलासपुर, 09 मई 2026। रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया है। आरोपियों ने एक महिला को पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर ऑनलाइन ठगी की थी।

पुलिस के अनुसार, प्रकरण में थाना रेंज साइबर बिलासपुर में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत धारा 318(4), 308(6), 3(5) बीएनएस तथा 66C, 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

इस प्रकार दिया गया डिजिटल अरेस्ट का भय

प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी माता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर स्वयं को “संजय PSI” बताने वाले व्यक्ति ने संपर्क किया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में आया है तथा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

इसके बाद वीडियो कॉल के माध्यम से महिला को कई घंटों तक तथाकथित डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। आरोपियों ने लगातार पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम का भय दिखाते हुए महिला पर मानसिक दबाव बनाया। महिला को धमकी दी गई कि यदि उन्होंने परिवार के किसी सदस्य से संपर्क किया तो उनके बेटे और अन्य परिजनों को भी मामले में फंसा दिया जाएगा।

आरोपियों ने महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट आदेश और आरबीआई नोटिस भेजकर विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। लगातार भय और मानसिक प्रताड़ना के कारण महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।

1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी

आरोपियों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए बाध्य किया। अलग-अलग तिथियों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भी आरोपियों द्वारा केस समाप्त करने के नाम पर अतिरिक्त 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।जब पीड़िता ने अपने पुत्र को पूरी जानकारी दी तब मामला सामने आया और तत्काल रेंज साइबर थाना बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क का राज

प्रकरण दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।

बैंकिंग ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियो में रूपेन्द्र सिंह पिता संपत सिंह, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू राजस्थान विशाल सिंह पिता जीवराज सिंह, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू राजस्थान शामिल हैं ।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे तथा ठगी की रकम निकालकर अन्य व्यक्तियों तक पहुंचाई थी। आरोपियों को इसके बदले कमीशन राशि प्राप्त हुई थी।

आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

प्रकरण में दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है। साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच जारी है।

उक्त कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह एवं नोडल अधिकारी आईपीएस गगन कुमार सीएसपी कोतवाली के निर्देश पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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