
“डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा तथा “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी”
छत्तीसगढ़।जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टाटा सुमो वाहन से 5 गौवंशों को सकुशल मुक्त कराया है। वहीं एक अन्य मामले में फरार चल रहे गौ तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। दोनों मामले थाना लोदाम क्षेत्र के हैं।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 7 मई 2026 की सुबह लगभग 5:30 बजे थाना लोदाम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक टाटा सुमो गोल्ड वाहन में पीछे की सीट निकालकर गौवंशों को बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर भरकर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने आरटीओ बैरियर के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

इसी दौरान जशपुर की ओर से आ रहे संदिग्ध टाटा सुमो वाहन क्रमांक CG-07-AN-1089 को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस टीम ने वाहन का पीछा किया। कुछ दूरी पर ग्राम पीड़ी मार्ग स्थित झाबू नदी पुल के पास आरोपी वाहन छोड़कर जंगल का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 5 गौवंशों को ठूंसकर भरा हुआ पाया गया। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित बरामद कर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

इस संबंध में थाना लोदाम में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1961 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
इसी क्रम में लोदाम पुलिस ने गौ तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी महबूब शाह उर्फ हगन महबूब उर्फ लकड़ बाबा (30 वर्ष), निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम, को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 12 फरवरी 2026 को ग्राम कोनबीरा जंगल क्षेत्र से एक पिकअप वाहन में 12 गौवंश बरामद किए गए थे। मामले में रेकी कर रहे वैगनआर वाहन से दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी महबूब शाह फरार था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने उसके घर की घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक सहबीर भगत, आरक्षक राजू लकड़ा, सुरेंद्र राम और बसंत यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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