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April 29, 2026 7:13 pm

सेवा सेतु से सुशासन को नई ताकत: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया उन्नत ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का शुभारंभ

रायपुर, 29 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का लोकार्पण किया। यह पोर्टल छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा विकसित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का उन्नत संस्करण है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, त्वरित और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। उन्होंने बताया कि ‘चॉइस’ मॉडल (2003) से शुरू हुई डिजिटल यात्रा, वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म से आगे बढ़ते हुए अब ‘सेवा सेतु’ के रूप में एक मजबूत “वन स्टॉप सॉल्यूशन” बन गई है।

उन्होंने बताया कि ‘सेवा सेतु’ पोर्टल पर अब 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण प्रमाण-पत्रों के लिए अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं। 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म नागरिकों के लिए एक व्यापक सेवा मंच बन गया है।

नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधार आधारित ई-केवाईसी, व्हाट्सएप इंटरफेस और ‘भाषिणी’ जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। नागरिक अब व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन, स्थिति ट्रैकिंग और डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही डिजिलॉकर, उमंग और ई-प्रमाण जैसे प्लेटफॉर्म से एकीकरण कर सेवाओं को अधिक सुरक्षित और सरल बनाया गया है।

पोर्टल में ट्रेजरी और ई-चालान की सुविधा जोड़ते हुए ऑनलाइन भुगतान और तत्काल डिजिटल रसीद की व्यवस्था की गई है। डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम जानकारी एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए मिलेगी। इसके अलावा क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर और रीयल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी, शिकायत पंजीकरण और समय संकेतक जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।

राज्य में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं। ‘सेवा सेतु’ पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है और ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार संभव हो सका है।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग के सचिव अंकित आनंद तथा CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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