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April 25, 2026 8:04 pm

युवा नेतृत्व की जीत: अंकित गौरहा के संघर्ष से खेल मैदान बचा, फन फेयर की अनुमति निरस्त

बिलासपुर। बेलतरा क्षेत्र में छात्र हित और खेल संस्कृति की रक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की पहल निर्णायक साबित हुई है। जिस विषय को उन्होंने प्रमुखता से उठाया, उस पर प्रशासन ने स्पष्ट निर्णय लेते हुए साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तावित फन फेयर मेले की अनुमति निरस्त कर दी है।

मैदान के व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल


मामला शासकीय ई. राघवेंद्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय के खेल मैदान से जुड़ा है, जहां लंबे समय से विभिन्न व्यावसायिक और सार्वजनिक आयोजनों का आयोजन किया जा रहा था। इससे छात्रों और खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास एवं प्रशिक्षण में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में अंकित गौरहा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की थी और स्पष्ट किया था कि खेल मैदान का उपयोग केवल खेल गतिविधियों और छात्र विकास तक सीमित रहना चाहिए।

प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी सक्रियता


गौरहा की पहल के बाद महाविद्यालय प्रशासन भी सक्रिय हुआ। प्राचार्य द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया, जिसमें यह उल्लेख किया गया कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश के मैदान को किराए पर देना उचित नहीं है। साथ ही, व्यावसायिक आयोजनों से उत्पन्न विवाद और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा का भी उल्लेख किया गया।

फन फेयर मेले की अनुमति रद्द


इसी दौरान साइंस कॉलेज मैदान में 30 अप्रैल 2026 से 8 जून 2026 तक फन फेयर अम्यूजमेंट पार्क मेला आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया था। प्रस्ताव के अनुसार, प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक झूले, मनोरंजन गतिविधियां और व्यावसायिक स्टॉल लगाए जाने थे। प्रशासन ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, विशेष रूप से छात्र हित और खेल गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए इस आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी। अनुभागीय अधिकारी, बिलासपुर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि मैदान का उपयोग केवल शैक्षणिक और खेल गतिविधियों के लिए ही किया जाएगा।

छात्र हित में लिया गया निर्णय


इस निर्णय से छात्रों और खिलाड़ियों में संतोष का माहौल है। अब उन्हें बिना किसी व्यवधान के नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा, जिससे जिले में खेल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन


पूरे घटनाक्रम को अंकित गौरहा के सक्रिय नेतृत्व और परिणामोन्मुख पहल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने न केवल मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर ठोस निर्णय सुनिश्चित कराने में भी भूमिका निभाई।

क्या कहा अंकित गौरहा ने


अंकित गौरहा ने कहा कि खेल मैदान युवाओं के भविष्य निर्माण का आधार होते हैं। उनका व्यावसायिक उपयोग छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी छात्रों के अधिकार और बेहतर सुविधाओं के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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