“कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण ,कहा कि ये आवास केवल ईंट और सीमेंट की इमारतें नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की मजबूत नींव हैं”

“जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में और भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी”
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए हैं। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पीएम जनमन योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के समन्वित और पारदर्शी संचालन का परिणाम है। इससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए कुल 50,044 परिवारों को पक्के आवास प्रदान किए। जिला प्रशासन ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में गति आई।
विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार मस्तूरी 14,973 आवासों के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 तथा तखतपुर में 10,104 आवासों का निर्माण पूर्ण हुआ। ये आंकड़े प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को भी दर्शाते हैं।

इस सफलता में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर निर्माण कार्यों में जोड़ा गया, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ के रूप में निर्माण सामग्री आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई। इसके अतिरिक्त 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और उनकी आय के नए स्रोत विकसित हुए।

वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जिले में कुल 1,03,873 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं, जिसके साथ बिलासपुर ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सुदृढ़ कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता का परिणाम मानी जा रही है।
योजना का मानवीय पक्ष भी उल्लेखनीय है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसे हितग्राही, जो वर्षों तक कच्चे मकानों में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे, अब पक्के घरों में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। उनके लिए यह आवास केवल एक संरचना नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।

बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये आवास केवल ईंट और सीमेंट की इमारतें नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
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