रायपुर।आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा 17-18 अप्रैल 2026 को पुणे में आयोजित चिंतन शिविर में राज्य को “बड़े राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य” के रूप में दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
राज्य को ‘हाई ट्रिगर एफिकेसी’ श्रेणी में संदिग्ध क्लेम की सटीक पहचान और विश्लेषण के लिए तथा ‘टाइमली प्रोसेसिंग ऑफ सस्पिशियस क्लेम्स’ श्रेणी में संदिग्ध दावों के त्वरित और समयबद्ध निपटान के लिए यह सम्मान मिला है। उन्नत आईटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, सुदृढ़ क्लेम ऑडिट तंत्र और ट्रिगर आधारित निगरानी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में संदिग्ध प्रकरणों की पहचान और निराकरण में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और पारदर्शी प्रक्रियाओं के चलते क्लेम प्रोसेसिंग की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है तथा अनावश्यक विलंब में कमी आई है, जिससे हितग्राहियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। यह उपलब्धि राज्य की प्रशासनिक दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता के साथ-साथ जनकेन्द्रित कार्यशैली को भी दर्शाती है।
इस उपलब्धि पर विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य की पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेन्द्रित स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिसके लिए तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और सतत सुधार पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह सम्मान राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता और निरंतर सुधार के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इसे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक टीम और सहयोगी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों की उपलब्धि बताते हुए भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने का विश्वास व्यक्त किया।
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