
“बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इन सभी 11 कैडरों के निर्णय का स्वागत किया , उन्होंने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास का यह अवसर सीमित समय के लिए है, इसलिए वे जल्द निर्णय लेकर सामान्य और शांतिपूर्ण जीवन की ओर लौटें”
छत्तीसगढ़।बस्तर संभाग के कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत आत्मसमर्पण की प्रक्रिया लगातार जारी है। पुलिस के प्रयासों और पुनर्वास नीति के प्रभाव से माओवादी संगठन के कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि बीते पांच दिनों में 9 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया था। इसी क्रम में मंगलवार को 2 और माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। इस तरह 25 मार्च से 31 मार्च के बीच कुल 11 माओवादी कैडर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में पीपीसीएम शंकर और पीएम हिडमा डोडी शामिल हैं। दोनों ने एके-47 रायफल के साथ आत्मसमर्पण किया है। पुलिस के अनुसार, इनसे प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अन्य सक्रिय माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने इन सभी 11 कैडरों के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास का यह अवसर सीमित समय के लिए है, इसलिए वे जल्द निर्णय लेकर सामान्य और शांतिपूर्ण जीवन की ओर लौटें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी कैडरों के पुनर्वास और सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
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