बिलासपुर, 23 मार्च 2026।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रेलवे ने देश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करते हुए 21 मार्च 2026 को मात्र 355 दिनों में अब तक का सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू अर्जित कर रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 10 दिन पहले हासिल की गई।
रेलवे द्वारा 22 मार्च 2026 तक ₹29,493.59 करोड़ का मूल माल राजस्व अर्जित किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। इस उपलब्धि के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेल में सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू अर्जित करने वाला ज़ोन बनकर उभरा है। चालू वित्तीय वर्ष में भारतीय रेल के कुल माल राजस्व में इसका योगदान 17.13 प्रतिशत रहा, जो इसकी अग्रणी भूमिका को दर्शाता है। साथ ही, गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में ₹1026 करोड़ (3.6 प्रतिशत) की वृद्धि भी दर्ज की गई है।
इसी क्रम में, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 20 मार्च 2026 को 354 दिनों में सर्वाधिक नेट टन किलोमीटर (एनटीकेएम) अर्जित करते हुए एक और उपलब्धि हासिल की। यह उपलब्धि भी पिछले वर्ष की तुलना में 11 दिन पहले प्राप्त की गई है।
22 मार्च 2026 तक रेलवे ने 146.75 बिलियन एनटीकेएम का आंकड़ा पार कर भारतीय रेल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, इस वर्ष 146 बिलियन से अधिक एनटीकेएम हासिल करते हुए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में 5.4 बिलियन एनटीकेएम (3.8 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है।
अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी रेलवे द्वारा तेज गति से कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न रेलखंडों में तीसरी एवं चौथी लाइनों की कमीशनिंग से ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे माल यातायात अधिक सुगम और समयबद्ध हुआ है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे अधिकाधिक यात्रियों को आरक्षित सीटें उपलब्ध हो सकें।
इन उपलब्धियों का श्रेय दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, कुशल प्रबंधन और सतत सुधार को दिया गया है। महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के निर्देशन में रेलवे निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने संकेत दिए हैं कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेल की प्रगति एवं देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
प्रधान संपादक


