बिलासपुर। जिले में हाल के दिनों में औद्योगिक संस्थानों में लगातार हो रहे हादसों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को एसएसपी रजनेश सिंह ने उद्योग संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा मानकों के सख्ती से पालन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। इन हादसों को रोकने के लिए जरूरी है कि सभी उद्योग संचालक सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन करें। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यदि निर्धारित सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए तो दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक संस्थानों में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। फैक्ट्री परिसर में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। साथ ही, संस्थान के आसपास की सड़कों को भी कैमरों की निगरानी में लाना जरूरी है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। एसएसपी ने आगजनी जैसी घटनाओं से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने और नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा ऑडिट समय-समय पर कराया जाना चाहिए, ताकि कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सके।बैठक में छत्तीसगढ़ लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष हरीश केडिया, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार शाह, उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी सहित शिवकुमार अग्रवाल, एनएस राजू, नवनीत अग्रवाल, हनुमंत अग्रवाल, एलएस नायक, प्रकाश, अंकुर अग्रवाल और विष्णु मुरारका समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा एएसपी मधुलिका सिंह भी बैठक में शामिल हुईं।
कर्मचारियों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच अनिवार्य
एसएसपी रजनेश सिंह ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि फैक्ट्री में शराब के नशे में आने वाले कर्मचारियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए हर कर्मचारी की ब्रीथ एनालाइजर से जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही, संस्थान के भीतर किसी भी प्रकार के हंगामे या आपत्तिजनक व्यवहार करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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