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October 2, 2026 10:12 pm

राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।

हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है।

संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके।

पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।

इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है।
इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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