बिलासपुर। शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशोक नगर में रहने वाला एक बैंक कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। जालसाजों ने उसके नाम से फर्जी तरीके से क्रेडिट कार्ड जारी कराकर खाते में आई पूरी रकम कुछ ही मिनटों में उड़ा दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा के अशोक नगर निवासी राजाराम साहू (31) एक निजी बैंक के लोन विभाग में कार्यरत हैं। 14 जनवरी को उनके एक मित्र ने उनसे लोन खाते को बंद कराने में मदद मांगी थी। इसके लिए मित्र ने राजाराम के बैंक खाते में दो लाख रुपये ट्रांसफर किए। उस समय राजाराम भोजन कर रहे थे और उन्होंने तत्काल खाते की जांच नहीं की। करीब 20 मिनट बाद जब राजाराम ने अपने मोबाइल पर बैंक खाते का बैलेंस चेक किया तो वे हैरान रह गए। खाते में जमा की गई पूरी रकम गायब थी। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कोई तकनीकी त्रुटि हो, लेकिन जब उन्होंने अपने मित्र को फोन किया तो उसने दो लाख रुपये ट्रांसफर करने की पुष्टि की। इसके बाद राजाराम को ठगी की आशंका हुई। राजाराम ने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपने खाते का विस्तृत विवरण निकलवाया। जांच करने पर पता चला कि उनके नाम से एक क्रेडिट कार्ड जारी हुआ है, जिसकी जानकारी उन्हें पहले से नहीं थी। इसी क्रेडिट कार्ड के जरिए जालसाजों ने दो बार में खाते से पूरी रकम निकाल ली। पहली बार 1 लाख 98 हजार रुपये और दूसरी बार 2 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया था। बैंक से जानकारी मिलने के बाद राजाराम ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सरकंडा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्रेडिट कार्ड किस पते पर जारी हुआ और ट्रांजेक्शन किन माध्यमों से किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आम नागरिकों के साथ-साथ बैंक कर्मी भी अब जालसाजों के निशाने पर हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, ओटीपी, केवाईसी और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा खाते में कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।
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