बिलासपुर। साइबर ठगों ने रुपये वसूलने के लिए नया तरीका अपनाया है। अब जालसाज लोगों को लोन डिफाल्टर बताकर उनके परिचितों से पैसे मांग रहे हैं। ताजा मामला रतनपुर क्षेत्र का है, जहां एक युवक का मोबाइल हैक कर उसकी कांटेक्ट लिस्ट कॉपी कर ली गई। इसके बाद उसकी फोटो भेजकर उसे लोन नहीं चुकाने वाला बताया जा रहा है और जिन लोगों को मैसेज भेजा जा रहा है, उन्हें गारंटर बताकर रकम मांगी जा रही है।
रतनपुर क्षेत्र के ग्राम लखराम निवासी जागेश्वर कुंभकार ने बताया कि उनके परिचितों के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से मैसेज आ रहे हैं। मैसेज में उनकी फोटो लगाकर लिखा गया है कि उन्होंने किसी कंपनी से लोन लिया है और भुगतान नहीं किया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि जिन लोगों को मैसेज भेजा गया है, वे उक्त लोन के गारंटर हैं और रकम नहीं चुकाने पर उनसे वसूली की जाएगी। इस तरह के संदेश से उनके परिचितों में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है। युवक ने आशंका जताई है कि किसी फर्जी लिंक या एपीके डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हुआ होगा, जिसके जरिए ठगों ने कांटेक्ट लिस्ट हासिल कर ली। फिलहाल उन्होंने अपने परिचितों को स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने कोई लोन नहीं लिया है और किसी भी प्रकार की रकम न दें। साथ ही मामले की शिकायत रतनपुर थाने में करने की बात कही है।
सतर्कता से होगा बचाव

रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने आम जनता से अपील की है कि सतर्कता से ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है इसलिए सावधानी बरतें साइबर ठगी के मामलों में एपीके फाइल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। वाहन चालान के नाम पर एपीके भेजकर मोबाइल हैक करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जालसाज फोटो की तरह दिखने वाली एपीके फाइल भी भेज रहे हैं, जिसे लोग सामान्य तस्वीर समझकर डाउनलोड कर लेते हैं। डाउनलोड होते ही मोबाइल का डाटा और कांटेक्ट लिस्ट जालसाजों तक पहुंच जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए एपीके या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। किसी भी प्रकार के लोन या वसूली संबंधी संदेश की पुष्टि किए बिना भुगतान न करें और तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
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