संभागायुक्त सुनील जैन ने कहा कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म शासन-प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम

प्रशासनिक दक्षता सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बिलासपुर, 13 फरवरी 2026।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन, क्षमता निर्माण और परिणामोन्मुख प्रशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से iGOT कर्मयोगी का संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संभागायुक्त कार्यालय कोनी बिलासपुर स्थित चेतना सभा कक्ष में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागायुक्त सुनील जैन ने की। राज्य स्तर से उपस्थित सुश्री अंजू सिंह, अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन एवं नोडल अधिकारी (iGOT कर्मयोगी) तथा मास्टर ट्रेनर ने अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान iGOT प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, भूमिका आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल और प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य शासन के निर्देशों की जानकारी साझा की गई। उनके मार्गदर्शन में प्रदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

मुख्य सचिव विकासशील के नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस तथा नागरिक केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से iGOT कर्मयोगी कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित शिक्षण प्रणाली, प्रशासनिक सुधार तथा सेवा गुणवत्ता में सुधार से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संदीप अग्रवाल सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संभाग के अन्य जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। संबंधित जिलों के नामित नोडल अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता की।

संभागायुक्त सुनील जैन ने अपने संबोधन में कहा कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म शासन-प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल पूर्ण कर अपने कार्य में दक्षता और नवाचार लाएं।

उल्लेखनीय है कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भूमिका आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर प्रशासनिक क्षमता निर्माण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राज्य में सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधान संपादक


