एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में मवेशियों के अवैध परिवहन, तस्करी और गौवंश के प्रति क्रूरता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं

रायगढ़, 11 फरवरी।डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में गौवंश तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लैलूंगा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुख्यात मवेशी तस्कर रब्बुल खान को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 32 गौवंश मुक्त कराए हैं।
एएसपी अनिल सोनी से मिली जानकारी के अनुसार, थाना लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम करवारजोर निवासी रब्बुल खान की गतिविधियों पर पुलिस पहले से नजर रखे हुए थी। 10 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी गौवंश को क्रूरतापूर्वक मारते-पीटते और भूखा-प्यासा दौड़ाते हुए उड़ीसा की ओर ले जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पुलिस बल के साथ ग्राम करवारजोर में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
आरोपी के कब्जे से बरामद 32 गौवंश की,एएसपी सोनी ने दी जानकारी
अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने मवेशियों को बुचड़खाने की ओर ले जाने की बात स्वीकार की। मुक्त कराए गए सभी गौवंश का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया तथा उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला में रखा गया है।
इस संबंध में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 41/2026 के तहत छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 7 फरवरी को भी लैलूंगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन मवेशी तस्करों से आठ गौवंश मुक्त कराए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जिले में अवैध मवेशी परिवहन और तस्करी पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा एवं आरक्षक किशोर कुल्लू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में मवेशियों के अवैध परिवहन, तस्करी और गौवंश के प्रति क्रूरता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि गौवंश तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी दें।
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