हरित, सुरक्षित एवं आधुनिक कोयला खनन प्रक्रियाओं का किया अवलोकन
बिलासपुर छत्तीसगढ़ ।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय पीआईबी सिक्किम एवं छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में सिक्किम से आए 15-सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा का भ्रमण किया। इस अध्ययन दौरे का उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल की भूमिका पर्यावरण संरक्षण हेतु किए जा रहे प्रयासों तथा सतत खनन पहलों को प्रत्यक्ष रूप से समझना था।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गेवरा कोयला खदान में अत्याधुनिक हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी एचईएमएम के संचालन का अवलोकन किया। मीडिया प्रतिनिधियों को सरफेस माइनर के माध्यम से की जा रही ब्लास्ट-फ्री कोयला उत्खनन प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिसे पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित एवं प्रभावी खनन पद्धति के रूप में अपनाया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी के माध्यम से संचालित पर्यावरण-अनुकूल कोयला डिस्पैच प्रणाली को भी देखा। इस प्रणाली से धूल उत्सर्जन में कमी पारदर्शिता तथा परिचालन दक्षता सुनिश्चित की जा रही है। मीडिया सदस्यों ने गेवरा क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से विकसित सघन पौधारोपण कार्यों की भी सराहना की।

पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब उन्होंने कोयला खनन कार्यों को इतनी नज़दीक से देखा। उन्होंने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक कल्याण के प्रति एसईसीएल के संतुलित और उत्तरदायी दृष्टिकोण की प्रशंसा की।
गेवरा भ्रमण के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में एसईसीएल प्रबंधन के साथ संवाद किया। इस अवसर पर एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक तकनीकी संचालन, बिरंची दास, निदेशक मानव संसाधन
तथा रमेश चंद्र महापात्र निदेशक तकनीकी योजना-परियोजना उपस्थित रहे। संवाद के दौरान संगठन की भावी योजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी पहलों पर विस्तार से चर्चा की गई। उक्त जानकारी एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी सनीष चंद्रा ने दी ।
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