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August 17, 2026 10:18 am

प्रमोशन से वंचित नहीं अधिकारी ने हाई कोर्ट में दायर की याचिका, डीडीसी के निर्णय को कोर्ट ने ठहराया सही

बिलासपुर. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा है कि वरिष्ठता के आधार पर होने वाले प्रमोशन में डीपीसी को गोपनीय चरित्रावली ग्रेडिंग के आधार पर न्यूनतम बेंचमार्क निर्धारित करने का अधिकार है। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस प्रार्थ प्रतीम साहू की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई.

उद्यानिकी विभाग में पदस्थ स्कम सिंह तोमर ने हाई कोर्ट याचिका लगाई थी, इसमें उन्होंने पदोत्रति से वंचित करने और जूनियर अधिकारी को प्रमोशन देने को चुनौती दी थी। उनके खिलाफ कोई विभागीय जांच या गंभीर शिकायत नहीं है, वरिष्ठ होने के नाते उन्हें पदोत्रत किया जाना चाहिए था। राज्य सरकार ने कहा कि चयन समिति ने पिछले 5 वर्षों के रिकॉर्ड के आधार पर अच्छा ग्रेड का न्यूनतम मानक तय किया था। याचिकाकर्ता इस मापदंड पर खरे नहीं उतरे, इस वजह से उनसे जूनियर लेकिन ज्यादा अंक पाने वाले अधिकारी को पदोन्नत किया गया।
हाई कोर्ट के दो फैसलों में विरोधाभास था। एक फैसले में कहा गया था कि केवल वरिष्ठता ही काफी है, जबकि दूसरे में कहा गया था कि समिति मानक तय कर सकती है। इस वजह से मामले पर डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। डिवीजन बेंच ने पदोन्नति नियमों का विस्तार से अध्ययन करने के बाद व्यवस्था दी है।
डिविज़न बेंच ने कहा कि नियमों के अनुसार चयन समिति अधिकारी के काम और रिकॉर्ड के आधार पर उसकी योग्यता की जांच करे। हाई कोर्ट ने व्यवस्था दी कि चयन समिति द्वारा तय किया गया गया यह नियम सही है कि पिछले 5 साल का रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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